नरोत्तम का दिग्गी पर वार- जबतक जयवर्धन CM नही बन जाते ऐसे ही चलती रहेगी सरकार

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भोपाल। मंदसौर गोलीकांड पर मचे बवाल के बीच मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को लेकर बड़ा बयान दिया है। मिश्रा ने कहा कि दिग्विजय अपने पुत्र जयवर्धन सिंह को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। जब तक जयवर्धन परिपक्व नहीं हो जाते तब तक कांग्रेस सरकार ऐसी ही चलती रहेगी। तब तक दिग्विजय मुख्यमंत्री पड़ को अस्थिर रखेंगे| मिश्रा यही नही रुके उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस सरकार में मंत्रियों और मुख्यमंत्री के बीच कोई तालमेल नहीं हैं। अलग-अलग नेता सरकार चला रहे है। मुख्यमंत्री और मंत्री आपस में बातचीत तक नहीं करते।  

दरअसल,  विधानसभा में कांग्रेस सरकार द्वारा मंदसौर गोलीकांड और नर्मदा किनारे पौधरोपण मामले पर दिए गए बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में धमासान मचा हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इस मामले में अपनी ही सरकार को गलत ठहरा चुके हैं। इस मामले में बुधवार को पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दिग्विजय सिंह अपने बेटे जयवर्धन को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। जब तक जयवर्धन परिपक्व नहीं हो जाते तब तक कांग्रेस सरकार ऐसी ही चलती रहेगी। आज विधानसभा सत्र के तीसरे दिन हंगामे के बीच वित्त मंत्री तरुण भनोट ने सप्लीमेंट्री बजट और लेखानुदान पेश किया। इससे पहले पत्रकारों से चर्चा के दौरान पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दिग्विजय सिंह अपने बेटे जयवर्धन को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। जब तक जयवर्धन परिपक्व नहीं हो जाते तब तक कांग्रेस सरकार ऐसी ही चलती रहेगी। कांग्रेस सरकार में मंत्रियों और मुख्यमंत्री के बीच कोई तालमेल नहीं और ना ही वे आपस में बातचीत करते है। ये तो इसी बात से साबित हो जाता है कि सदन के अंदर जवाब देने वाला मंत्री सदन के बाहर उसी मुद्दे पर कुछ और बात कह रहा है  उन्होंने कहा कि जब सदन की परंपराओं के अनुसार जिस मुद्दे पर सदन के अंदर चर्चा हो चुकी हो उनपर सदन के बाहर मंत्रियों को बयान नहीं देना चाहिए। मुख्यमंत्री, मंत्री और नेता अब बयान पर सफाई दे रहे है, इससे साफ है कि मंत्रियों और मुख्यमंत्री के बीच कोई बात ही नही हो रही है, सदन के अंदर मंत्री कुछ बोल रहे है और बाहर मुख्यमंत्री को सफाई देनी पड़ रही है। सरकार में अनुभव की कमी है और ये तब तक चलता रहेगा जब तक दिग्विजय के बेटे जयवर्धन सीएम नही बन जाते।

गौरतलब है कि 18 फरवरी से शुरू हुए विधानसभा सत्र में बुधवार को पहले दिन शासकीय काम हुआ। सोमवार को निधन उल्लेख के बाद सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई थी। आज वित्तमंत्री तरुण भनोट ने लेखानुदान और अनूपूरक बजट पेश किया ।इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष में आरक्षण, मंदसौर गोलीकांड, कर्जमाफी और किसानों के मुद्दे पर जमकर बहस हुई। लोकसभा चुनाव के बाद मानसून पूर्ण बजट पेश किया जाएगा। इससे पहले वर्ष 2014 और 2009 में भी लेखानुदान आ चुका है।