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भोपाल। देश भर में भोपाल लोकसभा सीट बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह के बीच मुकाबले को लेकर चर्चा का विषय बन गई है। लेकिन साध्वी प्रज्ञा के लिए मालेगांव ब्लास्ट मामला परेशानी बना हुआ है। ऐसे में कांग्रेस नेता के भाई ने चुनाव आयोग से उनकी उम्मीदवारी पर रोक लगाने की अपील की थी। लेकिन ईसी ने रोक लगाने से इनकार कर दिया है। 

दरअसल, कांग्रेस नेता के भाई कहसीन पूनावाला ने बीजेपी उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग की थी। लेकिन आयोग ने उनका मांग को खारिज करते हुए ककहा कि कानून के तहत साध्वी प्रज्ञा के चुनाव लड़ने पर रोक नहीं लगाई जा सकती है। तहसीन की शिकायत पर गौर करते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि वह अभी तक किसी भी मामले में दोषी करार नहीं दी गईं है इसलिए उनकी उम्मीदवारी पर रोक नहीं लगाई जा सकती है। आयोग ने कहा कि दोषी साबित होने पर ही उम्मीदवारी पर रोक लगाने का प्रावधान है। आरोपी होने पर चुनाव लड़ने पर रोक नहीं लगाई जी सकती है। 

तहसीन पूनावाला ने चुनाव आयोग को पत्र में लिखा, ‘इस पत्र को मेरी ओर से शिकायत पत्र माना जाए. मैं चुनाव आयोग का ध्यान इस ओर खींचना चाहता हूं कि 17 अप्रैल 2019 को बीजेपी ने भोपाल संसदीय क्षेत्र से मालेगांव ब्लास्ट के मुख्य आरोपियों में से एक प्रज्ञा सिंह ठाकुर को प्रत्याशी बनाया है. यह बताना जरूरी है कि महाराष्ट्र की एंटी टेररिज्म स्क्वाड(एटीएस) ने 29 सितंबर 2008 को हुए मालेगांव ब्लास्ट में साध्वी प्रज्ञा को मुख्य षड्यंत्रकारी माना है. इस ब्लास्ट में 6 लोगों की मौत हो गई थी वहीं 101 लोग घायल हो गए थे.