बगावत: अब भाजपा को कोस रहे एमएलए के पिता

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भोपाल| लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की घोषणा के बाद भाजपा में बगावत के सुर तेज हो गए हैं| प्रत्याशियों के खिलाफ विरोध खुलकर सामने आ चुका है| शहडोल, सीधी, मुरैना, भिंड, मंदसौर समेत कई सीटों पर दावेदारों ने पार्टी और प्रत्याशी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है| वहीं सबसे ज्यादा विरोध टीकमगढ़ में देखने को मिल रहा है| जहां लम्बे समय से कई पूर्व विधायक और जनप्रतिनिधियों के विरोध के बाद भी पार्टी हाई कमान ने वर्तमान सांसद और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक को दोबारा टिकट दिया है| अब विरोध करने वाले नेता पार्टी को कोस रहे हैं और चेतावनी भी दे रहे हैं कि टीकमगढ़ से कोई भी आ जाए इस बार यहां से भारतीय जनता पार्टी चुनाव हारेगी। 

टिकट वितरण के बाद हर जगह से उठ रहे बगावती सुरों ने पार्टी की नींद उड़ा दी है|  टीकमगढ़ सीट से केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक को टिकट मिलने के बाद क्षेत्र में विरोध तेज हो गया है और पूर्व विधायकों और स्थानीय नेताओं के विरोध से साफ़ है कि उनके लिए चुनाव कितना चुनौतीपूर्ण होगा| चंदला से बीजेपी के पूर्व विधायक और सीनियर नेता आरडी प्रजापति के बगावती बोल सामने आये हैं| उन्होंने कहा टीकमगढ़ में इस बीजेपी की करारी हार होगी। जब पार्टी नारा देती है सबका साथ सबका विकास पर टीकमगढ़ में लगा कि केवल वीरेंद्र खटीक का साथ वीरेंद्र खटीक का विकास बाकी सब का विनाश। उन्होंने कहा टीकमगढ़ से कोई भी आ जाए भारतीय जनता पार्टी चुनाव हारेगी। वीरेंद्र खटीक का साथ देने पर बोले, मेरे पिताजी दादाजी पुरखे भी लग जाए तब भी भारतीय जनता पार्टी यहां से चुनाव नहीं जीत पाएगी| बता दें कि आरडी प्रजापति चंदला से विधायक रहे हैं| वहीं उनके बेटे राजेश प्रजापति इस समय विधायक हैं। 

बता दें कि टीकमगढ़ से खटीक का टिकट कटवाने के लिए पूर्व विधायक प्रजापति समेत कई पूर्व जनप्रतिनिधि एकजुट हुए थे, इनमे कई तो खुद टिकट की दावेदारी कर रहे थे| प्रजापति ने स्वयं टिकट के लिए भोपाल से दिल्ली तक की दौड़ लगाई, लेकिन टिकट नहीं निकाल पाए| वहीं खटीक के विरोध में कई पूर्व विधायक और नेताओं ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और संगठन मंत्री रामलाल को सामूहिक पत्र सौपकर अपना विरोध जताया था। लेकिन पार्टी ने इनके विरोध को दरकिनार कर एक बार फिर खटीक पर विश्वास जताया है| लेकिन अब हालात बिगड़ते दिख रहे हैं| वीरेंदर खटीक का विरोध कर रहे नेताओं ने साफ़ कह दिया है कि यहां से अब भाजपा जीत नहीं पाएगी, जिससे साफ़ है कि खटीक को चुनाव में भितरघात से निपटना चुनौती होगी|