सिंधिया की नाराजगी पर कमलनाथ के मंत्री का बड़ा बयान

भोपाल।

कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के सड़कों पर उतरने वाले बयान के बाद समन्वय समिति की बैठक से यूं बीच में उठकर चले जाना चर्चाओं का बाजार गर्म किए हुए है। भोपाल से दिल्ली तक सिंधिया की नाराजगी चर्चा का विषय बनी हुई। विपक्ष जहां इसे मुद्दा बनाकर कांग्रेस की घेराबंदी कर रहा है वही कांग्रेस और पूरी कमलनाथ सरकार सफाई पेश कर रही है और बचाव कर रही है। अब कमलनाथ सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने सफाई दी है।हालांकि सीएम कमलनाथ उनसे इस घटनाक्रम के चलते नाराज हो गए है।

जीतू का कहना है कि सिंधिया की किसी से कोई नाराजगी नहीं है। सभी का एक ही मकसद समृद्ध मध्यप्रदेश बनाना है।समन्वय समिति की बैठक में कार्यकर्ताओं के सम्मान आयोजित किया गया था।वही जीतू का कहना है कि विकास कार्यों की पब्लिसिटी और निगम मंडलों को लेकर चर्चा की गई। कांग्रेस का वादा हिंदू धर्म ग्रंथ के वचन के सामान है। इन्हें हर हाल में पूरा किया जाएगा।

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सिंधिया के बयान का समर्थन करते हुए कहा है कि वह अकेले नहीं है, पूरी कांग्रेस उनके साथ है। हालांकि वचन पत्र एक साल के लिए नहीं पूरे पांच साल के लिए होता है और कमलनाथ जी एक-एक करके वचन पूरे कर रहे हैं। साथ ही दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि कांग्रेस में पूरी तरह एकजुटता है और कमलनाथ जी के नेतृत्व में हम सब एक साथ कांग्रेस को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।अतिथि शिक्षकों की जहां तक बात है तो उसकी प्रक्रिया चल रही है। यह गलतफहमी है कि सिंधिया किसी के खिलाफ है। कांग्रेस कमलनाथ के नेतृत्व में एकजुटता से खड़ी हुई है।