भोपाल। मध्य प्रदेश में रोज़गार एक बड़े मुद्दा है। लाखों युवा अपने घरों से दूर नौकरी करने पर मजबूर हैं। 15 साल बाद सत्ता में आई कांग्रेस ने युवाओं को रोज़गार देने का वादा किया था। जिसके लिए सरकार ने स्वाभिमान योजना के तहत युवाओं को 100 दिन का रोज़गार देने का वादा किया था। लेकिन एक साल से अधिक समय होने के बाद भी युवाओं में निराशा है। जिसे अब दूर करने के लिए सरकार ने नई रणनीति तैयार की है। अब प्रदेश युवाओं को सरकार 100 दिन के बजाए पूरे 365 दिन अस्थाई रोजगार देने का प्रस्ताव पर विचार कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हर माह 4 हज़ार के बजाए 5 हजार रुपए दिया जाएगा। मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना को नए सिरे से लागू करेगी। सत्ता में आने के बाद सरकार ने अपने वचन पत्र में किए वादे के मुताबिक इस योजना को पिछले साल 31 जनवरी को लागू किया था। लेकिन कई खामिया सामने आने के बाद यह योजना सफल नहीं हो सकी। अब इन खामियों को दूर कर सरकार इस योजना को नए तरह से लागू करेगी।

इस योजना का नया प्रस्ताव नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने तैयार कर लिया है। एक फरवरी को सीएम कमलनाथ इस योजने के नए फार्मेट पर अफसरों के साथ बैठक करेंगे। सीएम अगर इस प्रस्ताव पर मुहर लगाते हैं तो इसका दूसरा चरण लागू हो जाएगा। नए चरण में सरकार पर 200 करोड़ का भार आएगा।

25 हज़ार युवाओं को मिलेगा रोज़गार
सरकार ने एक साल में 25 हज़ार युवाओं को रोज़गार देने का टारगेट सेट किया है। प्रस्ताव के मुताबिक रजिस्टर्ड युवाओं का चयन प्रभारी मंत्री करेंगे। युवाओं को उनकी शिक्षा स्तर के मुताबिक इस योजना के तहत अस्थाई रोज़गार मुहैया कराया जाएगा। यही नहीं चुने गए युवाओं को ट्रेनिंग भी दी जाएगी । यह ट्रेनिंग दस दिन की होगी।