संविदा कर्मचारियों पर मेहरबान हुई कमलनाथ सरकार, लिया यह बड़ा फैसला

भोपाल। मध्य प्रदेश में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस सरकार ने तैयारी करना शुरू कर दिया है। इसी के तहत अब संविदा कर्मचारियों को खुश करने के लिए जल्द बड़ा फैसला लेने वाली है। वाटरशेड मिशन से हटाए गए और स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारियों के लिए ‘अच्छे दिन’ आने वाले हैं। सरकार संविदाकर्मियों को पंचायत चुनाव से पहले नौकरी पर वापस रखने का फैसला लेने वाली है। वहीं, प्रोमोशन में आरक्षण की वजह से अटके प्रमोशन के लिए भी सरकार ने रास्त निकाल लिया है। स्वास्थ महकमे के सैकड़ों कर्मचारियों को उच्च पदनाम दिया जाएगा। ये काम भी निकाय चुनाव के मद्दे नज़र लिया जाएगा।

दरअसल, आगामी पंचयत चुनाव में कांग्रेस अधिक से अधिक निकायों पर कब्ज़ा करना चाहती है। यही कारण है कि वह अब पंचायत चुनाव से पहले पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वाटर शेड मिशन से हटाए गए 648 संविदाकर्मियों को फिर से नौकरी पर रखा जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीएस एसआर मोहंती की अध्यक्षता वाली एक हाईपावर कमेटी ने इस प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है। इन कर्मचारियों को भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान हटाया गया था। अब कांग्रेस सरकार इन्हें वापस रखने वाली है।

प्रदेश के गांव-गांव से जुड़े इन संविदाकर्मियों को साधकर कांग्रेस पंचायत चुनाव से पहले अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी में है। इसके पहले नगरीय निकाय चुनाव को देखते हुए निकायों के 40 हजार दैनिक वेतनभोगियों को भी विनियमित करने की घोषणा सरकार कर चुकी है। हाईपॉवर कमेटी में पंचायत विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव और अपर मुख्य सचिव वित्त अनुराग जैन सदस्य हैं। प्रदेश सरकार ने मार्च 2019 में वाटरशेड मिशन में काम कर रहे कई संविदाकर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी थीं। इसके बाद से वे आंदोलन कर रहे थे। उन्होंने बहाली को लेकर हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल की थी। हाल ही में 150 संविदाकर्मियों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद इसे भी नहीं बढ़ाया गया था। संविदाकर्मियों ने पिछले दिनों पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल और एसीएस मनोज श्रीवास्तव से मिलकर फिर से नौकरी पर रखे जाने के लिए ज्ञापन भी सौंपा था।