MP Assembly: कोरोना के चलते मानसून सत्र स्थगित, 20 जुलाई से होना था शुरु

भोपाल।
एमपी (MP) में लगातार कोरोना (Corona Crisis) के मामले तेजी से बढ़ते आंकड़ों जा रहे है और संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 20 हजार के पार हो गया है।पिछले चौबीस घंटे में 728 नए केस सामने आए है वही मौत का आंकड़ा 700 के करीब पहुंच गया है, ऐसे में विधानसभा(Vidhansabha) के बजट सत्र के बाद अब मानसून सत्र (Monsoon Session) भी स्थगित कर दिया गया है। अब इस प्रस्ताव को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के पास भेजा जाएगा।सर्वदलीय बैठक (All party meeting) में यह फैसला लिया हया है।

दरअसल,  आज शुक्रवार सुबह 11:00 बजे विधानसभा में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, कांग्रेस विधायक दल के नेता कमलनाथ, संसदीय कार्यमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा , सज्जन सिंह वर्मा शामिल हुए है, जिसमें कोरोना के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा (Protem Speaker Rameshwar Sharma) ने सभी से चर्चा के बाद इसे स्थगित करने का फैसला लिया। सर्वदलीय बैठक में निर्णय लिया गया कि सदन की कार्यवाई को आगामी सूचना तक स्थगित रखने के लिए राज्यपाल को अनुमोदन किया जाएगा।।कोविड 19 की गाइड लाइन को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है । कोरोना का संक्रमण न बढ़े इसलिए सर्वदलीय बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय हुआ है । बैठक में प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा, सदन के नेता शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ, संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा, एनपी प्रजापति, सज्जन सिंह वर्मा उपस्थित रहे ।

दरअसल,बीते महिनों हुए सियासी संकट के बीच कोरोना महामारी के कारण बजट सत्र को कमलनाथ सरकार के समय तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने दस दिन के लिए स्थगित किया था, इस बीच सिंधिया और उनके समर्थकों ने बगावत कर दी थी और कमलनाथ सरकार चली गई थी। इस बीच बीजेपी की शिवराज सरकार ने सत्ता संभाली और बहुमत सिद्ध करने के लिए एक दिन में कुछ घंटे ही सदन की कार्रवाई चली। इसके बाद कार्रवाई को निश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था।वैसे तो शिवराज सरकार का पहला बजट जून-जुलाई पेश होना था, लेकिन कोरोना संक्रमण , राज्यपाल की तबियत और मंत्रिमंडल विस्तार के चलते आगे बढ़ता ही गया, अब 20 जुलाई को होने वाले मानसून सत्र को भी सर्वदलिय बैठक ने आगे बढ़ा दिया है, बैठक में अधिकतर नेताओं ने इसका समर्थन किया ।

बता दे कि कोरोना संकटकाल और लॉकडाउन के बीच प्रदेश में विधानसभा का मानसून सत्र 20 से 24 जुलाई तक होना था। इस पांच दिवसीय चलने वाले मानसून बजट सत्र में पहले दिन श्रद्धांजलि के बाद विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सत्र की कार्यवाही शुरू होनी थी। जहां दूसरे दिन 21 जुलाई को शिवराज कैबिनेट की बैठक मैं बजट को पेश किया जाना था, लेकिन कोरोना के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए इसे स्थगित कर दिया गया है।