भोपाल की सड़कों पर निकला युवाओं का सैलाब, NRC और CAA का किया विरोध

भोपाल। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ राजधानी भोपाल में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं। रविवार को कंपकंपाने वाली ठंड में शहर के हज़ारों युवाओं ने एक बार फिर सड़क पर उतर कर विरोध दर्ज कराया। यह प्रदर्शन जॉइंट एक्शन कमेटी अगेंस्ट एनआरसी एंड सीएए के बैनर तले किया गया। शहर के गौहर महल से रविवार शाम 7 बजे हज़ारों की संख्या में युवा जमा हुए और ताजउल मस्जिद तक पैदल मार्च किया। 

दरअसल, शहर में लंबे समय से नागरिकता संशोधन कानून का विरोध किया जा रहा है। अलग अलग संगठन इस विरोध प्रदर्शन को अंजाम दे रहे हैं। भोपाल में सभी संगठनों को एक जगह लाने के लिए  ”जॉइंट एक्शन कमेटी अगेंस्ट एनआरसी एंड सीएए” का गठन किया गय़ा है। इसमें शहर के युवाओं समेत, सोशल एक्टिविस्ट, जमिया यूनिवर्सिटी, जेएनयू, अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र भी शामिल हो रहे हैं। वहीं, शहर के युवाओं ने विरोध प्रदर्शन के लिए परिंदे नाम का एक ग्रुप भी बनाया है। जिसमें शहर के सभी तबके के लोग जुड़ रहे हैं। रविवार को भी यह सब जॉइंट एक्शन कमेटी अगेंस्ट एनआरसी एंड सीएए के नेतृत्व में शामिल हुए और रैली निकाली। इस दौरान मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी हुई और सरकार से इस कानून को धर्म के आधार पर लाने के लिए आलोचना भी की गई। 

सरकार को जगाने के समय आ गया है

वहीं, एनएसयूआई के प्रदेश सचिव एनूल यकिन ने कहा कि, “जब संविधान हमे समानता की गारंटी देता तब सरकार समाज में विभाजन करना चाहती है। इस विरोध प्रदर्शन में सिर्फ मुस्लिम ही नहीं, सभी धर्म के लोग शामिल हुए हैं। हमें कोई भी बांट नहीं सकता है। विरोध करने आए युवा आज़ादी के शहिद भगत सिंह से प्रेरित है। सरकार कुंभ करण की नींद सो रही है इसलिए अब समय आ गया कि सरकार को विरोध प्रदर्शन कर जगाया जाए। मैकेनिकल इंजीनियर औरंगजेब आजम कहते हैं, हम यहां केवल अधिनियम का विरोध करने के लिए नहीं हैं, बल्कि देश भर में छात्रों पर हुए घृणित अपराधों और पुलिस की बर्बरता के खिलाफ हमारी आवाज उठाते हैं। 

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र ओसामा शमीम कहते हैं कि, हमारे बच्चे हमसे पूछेंगे कि हमने संविधान को बचाने के लिए क्या जब नागरिकता संशोधन कानून वजूद में आया। इसलिए युवाओं को सड़कों पर उतरने और नेतृत्व करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हज़ारों युवाओं के साथ, छात्रों सहित, ने अधिनियम के खिलाफ भोपाल में पहले युवा-नेतृत्व वाले बड़े पैमाने पर मार्च में भाग लिया। 

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