MP News : कॉलेज, यूनिवर्सिटी में ड्रेस कोड लागू करने पर सरकार कर रही विचार, कांग्रेस का पलटवार, ये नहीं होगा स्वीकार

कांग्रेस के मुस्लिम विधायक आरिफ मसूद ने इसका विरोध किया है, उन्होंने कहा कि प्राइवेट कॉलेजों का एक ड्रेस कोड होता है उससे कोई इंकार नहीं का रहा लेकिन जहाँ तक भाजपा सरकार की बात है तो उनकी मंशा जो बुर्के और हिजाब को बैन करने की है तो वो हम होने नहीं देंगे।

Atul Saxena
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Inder Singh Parmar Arif Masood

MP News : मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश में संचालित शासकीय कॉलेज और यूनिवर्सिटीज में ड्रेस कॉड लागू करने पर विचार कर रही है, इसके लिए लोगों से राय ली जा रही है। सरकार का भाव है कि ड्रेस कोड लागू होने से यहाँ पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के बीच एकरूपता रहेगी, एक दूसरे के प्रति समानता का भाव आयेगा और उनकी एक अलग पहचान भी रहेगी, लेकिन इसी चर्चा के बीच कांग्रेस के मुस्लिम विधायक ने इसका विरोध किया है, उनका कहना है कि हमारे समाज की बच्चियों पर ये नियम थोपा गया तो हम इसका विरोध करेंगे क्योंकि संविधान हमें आजादी देता है कि हम अपना धार्मिक पहनावा पहन सकते हैं, इसे कोई रोक नहीं सकता।

राज्य सरकार प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में जल्दी ही ड्रेस कोड लागू करेगी

मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री इंदर सिंह परमार का कहना है कि राज्य सरकार प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में जल्दी ही ड्रेस कोड लागू करेगी इसका प्रयास किया जा रहा है, उन्होंने कहा जैसे प्राइवेट कॉलेज और युनिवर्सिटीज का ड्रेस कोड होता है वैसे ही सरकारी का होगा इससे वहां पढ़ाने वाले स्टूडेंट्स में एकरूपता और समानता का भाव आएगा , साथ ही उनकी ड्रेस से ये पहचान हो सकेगी कि वे किस संस्थान से हैं।

हमें संविधान ये इजाजत देता हैं कि हम अपने धार्मिक रीतिरिवाज के हिसाब से कपड़े पहने: आरिफ मसूद 

उधर ड्रेस कोड लागू होने से पहले ही विरोध के सुर फूटने लगे हैं कांग्रेस के मुस्लिम विधायक आरिफ मसूद ने इसका विरोध किया है, उन्होंने कहा कि प्राइवेट कॉलेजों का एक ड्रेस कोड होता है उससे कोई इंकार नहीं का रहा लेकिन जहाँ तक भाजपा सरकार की बात है तो उनकी मंशा जो बुर्के और हिजाब को बैन करने की है तो वो हम होने नहीं देंगे क्योंकि हमें संविधान ये इजाजत देता हैं कि हम अपने धार्मिक रीतिरिवाज के हिसाब से कपड़े पहने, यदि ड्रेस कोड लागू होता है तो हम इसका विरोध करेंगे, आरिफ मसूद ने कहा कि यदि इसे मुस्लिम समुदाय की लड़कियों के लिए ऑप्शनल रखा जायेगा तो हमें कोई दिक्कत नहीं होगी।

जमीयत उलेमा ए हिंद के फरमान पर उच्च शिक्षा मंत्री का प्रहार 

जमीयत उलेमा ए हिंद द्वारा मदरसों और मुस्लिम संस्थाओं में सूर्य नमस्कार नहीं करने, सरस्वती वंदना और वन्दे मातरम कहने पर रोक लगाने के निर्देश पर उच्च शिक्षा मंत्री ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जब दुनिया में दूसरी सभ्यता नहीं थी तब से हमरे ऋषि मुनियों ने ये भाव रखा कि जो प्रकृति से लेते हैं तो उसका आदर करें, इसलिए हम सूर्य को प्रणाम करते हैं नदियों वृक्षों की पूजा करते आये हैं।

क्या सूर्य केवल उनको धूप देता है जो उनकी पूजा करते हैं

उन्होंने कहा क्या सूर्य केवल उनको धूप देता है जो उनकी पूजा करते हैं, क्या वृक्ष, जो उनके पूजते हैं उन्हीं को प्राण वायु देता है ? यदि ये लोग जो सोचते हैं कि सूर्य की पूजा करने से उसका सम्मान करने से उलटफेर होगा तो मैं उनसे कहूँगा कि वे धूप लेना बंद करें , प्राणवायु लेना बंद करें, सूर्य क्या जाती धर्म देखकर रौशनी दे रहा है, ऊर्जा दे रहा है? इंदर सिंह परमार ने कहा कि यदि ऐसी विचारधारा अगर मध्य प्रदेश में आती है और सरकार से संबंधित संस्था जो नियम क़ानून के विरुद्ध चलेंगे उनके ख़िलाफ़ सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।


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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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