लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, 25 निलंबित, 4 को नोटिस, 2 की वेतन वृद्धि रोकी, 2 के वेतन काटने के निर्देश

MP Suspended Employees : मध्यप्रदेश में लापरवाह अधिकारी कर्मचारी पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। नरसिंहपुर रतलाम सहित कई जिलों में लगातार अधिकारी कर्मचारियों को उनकी लापरवाही के कारण सस्पेंड किया जा रहा है। इसके साथ ही कई अधिकारी कर्मचारियों को नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं।

नरसिंहपुर : टीआई निलंबित 

नरसिंहपुर जिले में बड़ी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर जबरन शिकायत बंद कराने के मामले में एसपी विपुल श्रीवास्तव द्वारा टीआई अमित विलाषी दानी को निलंबित कर दिया गया है।

नर्सिंग ऑफिसर निलंबित

एक अन्य कारोबारी शिवपुरी जिले में की गई है जहां जिला अस्पताल के सर्जरी वार्ड में बने शौचालय में सोमवार को एक मरीज देवीलाल साह के का शव मिलने के बाद कलेक्टर द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सर्जरी विभाग की पांच नर्सिंग ऑफिसर को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही प्रभारी चिकित्सक सहित सिविल सर्जन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

जिन सर्जरी वार्ड प्रभारी नर्सिंग ऑफिसर को निलंबित किया गया है। उसमें कमला नगेशिया, मोनिका कटारे, सभ्या पवारे, सायला खान सुनील योगी को निलंबित किया गया। साथ ही पंकज गुप्ता और आर के चौधरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

दमोह : 14 लापरवाह शिक्षक निलंबित 

एक अन्य कार्रवाई दमोह जिले में की गई है। जहां मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शासकीय स्कूल के स्तर सुधारने के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही है। बावजूद इसके शिक्षकों की मनमानी के कारण छात्रों का भविष्य अंधेरे में जा रहा है। ऐसे में दमोह जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 लापरवाह शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है।

जिला शिक्षा अधिकारी एसके मिश्रा द्वारा कलेक्टर के निर्देश पर स्कूल की मॉनिटरिंग कराई गई थी। जिसमें स्कूल समय पर नहीं खुल रहे थे। इसके अलावा कई शिक्षक दोपहर तक स्कूल से नदारद पाए गए थे। जिसके बाद गंभीर लापरवाही पर 14 शिक्षकों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा प्राइमरी शिक्षकों के विरुद्ध एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने और एक दिवस का वेतन काटने की कार्रवाई की जा रही है।

उज्जैन : पटवारी निलंबित

एक अन्य कार्रवाई उज्जैन जिले में की गई है। जहां कलेक्टर आशीष सिंह द्वारा टीएल मीटिंग के दौरान उज्जैन नगरीय क्षेत्र में कार्यरत एक पटवारी और ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत पटवारी को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।

हस्तलिखित नकल से गलत तरीके से रजिस्ट्री करवाने का प्रकरण सामने आने के बाद भगवती प्रसाद शर्मा और योजना के गलत पटवारी की शिकायत के बाद पटवारी मदन मारू को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सहायक सचिव और जनपद सीईओ पर बड़ी कार्रवाई

एक अन्य कार्रवाई रतलाम जिले में की गई है। मंगलवार को जनसुनवाई में सीएम हेल्पलाइन की शिकायत को जबरन बंद करने के मामले में नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा तत्काल एक्शन लिया गया है। इस दौरान रोजगार सहायक ललित उपाध्याय पर शासकीय कार्य में निजी उपयोग के लिए शासकीय योजना का लाभ लेने पर सहायक सचिव और जनपद सीईओ पर बड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

एक अन्य कार्रवाई नरसिंहपुर जिले में की गई है। जहां गुरुवार को ही जनसुनवाई में गोटेगांव तहसील ने कलेक्टर निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान किसानों की ओर से लगाए गए आरोप में कहा गया है सहायक संचालक द्वारा किसानों को अब तक गन्ने की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया है।

वेतन रोकने के निर्देश, कारण बताओ नोटिस जारी 

जिस पर कलेक्टर ने जल्द ही किसानों को गन्ने की बकाया राशि का भुगतान कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सहायक संचालक अभिषेक दुबे के आगामी माह के वेतन रोकने और उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित करने के लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। अभिषेक दुबे को 3 दिन में अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा वही जवाब संतुष्ट ना होने की स्थिति में उन पर कार्रवाई की जाएगी।

जिला विपणन अधिकारी को कारण बताओ नोटिस

छतरपुर जिले में कलेक्टर प्रताप सिंह चौहान द्वारा जिला विपणन अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। 12 दिसंबर को उर्वरक वितरण केंद्र उपज मंडी में किसानों के स्टॉक होने पर भी उन्हें यूरिया उपलब्ध नहीं कराया गया था। जिसके बाद जिला विपणन अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है। वही 3 दिन में उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गई है। स्पष्टीकरण नहीं देने की स्थिति पर उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अधीक्षिका तत्काल प्रभाव से निलंबित 

एक अन्य कार्रवाई श्योपुर जिले में की गई है। बाईपास रोड पर संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की अधीक्षिका ज्योति जैन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा बालिका की तबीयत बिगड़ने के बाद उसको अस्पताल नहीं ले जाने के मामले में यह कार्रवाई की गई है।