क्या दिल्ली की तर्ज पर मप्र में भी माफ होगी स्कूल फीस

भोपाल। इस समय जब पूरा देश कोरोना वायरस (CORONA) से लड़ रहा है, ऐसे में जरूरी है कि निजी स्कूल अपने छात्रों और उनके परिवार पर फीस देने का दबाव ना बनाए| बीते 24 मार्च से पूरे देश में लॉकडॉउन (LOCKDOWN) है लेकिन प्राइवेट स्कूल अभिभावको पर प्रेशर बना रहे हैं कि वो छात्रों की पूरी स्कूल फीस जमा करें| जिसको लेकर सरकार के पास काफी सारी शिकायते पहुंच रही हैं| लेकिन मप्र सरकार (MP GOVERNMENT) अभी तक इस मामले को लेकर कोई फैसला नहीं कर पाई है| जबकि इसको लेकर स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की दो बार बैठक हो चुकी है जो बेनतीजन निकली| स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि प्रदेश में ऐसे बहुत से स्कूल हैं जो स्कूल फीस नहीं लेंगे तो उनके शिक्षकों का वेतन रूक सकता है|

सरकार के सामने आ सकती है बेरोजगारी की स्थिति
प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों में तकरीबन 2 लाख शिक्षक पढा रहे हैं| ऐसे में अगर इन्हे वेतन नहीं मिलता है या स्कूलों से शिक्षकों को निकाला जाता है तो सरकार के सामने बेरोजगारी की स्थिति पैदा हो जाएगी तो सरकार जब तक निजी स्कूलों को राहत पैकेज नहीं दे देती| तब तक सरकार निजी स्कूलों पर फीस नहीं लेने का दबाव नहीं बना सकती| इसी के ही साथ विभाग की बैठक से एक बात और निकलकर सामने आई है कि निजी स्कूल ट्यूशन फीस छोड़कर अगर कोई और फीस नहीं ले तो ऐसे में उन पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा और अभिभावको को भी थोड़ी राहत मिलेगी|

बता दें कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली के निजी स्कूलों में बिना सरकार की इजाजत के फीस बढाने पर रोक लगा दी है| साथ ही स्कूलों को सिर्फ ट्यूशन फीस ही लेनी की इजाजत होगी|