शिवराज सरकार का सियासी कदम, शुरु किया कमलनाथ का बंद किया गया कॉलेज

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश  में उपचुनाव (By election in madhya pradesh) की तैयारी जोरो पर है। 27 सीटों पर होने वाले उपचुनाव ( by election on 27 seats ) को जीतने के लिए भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) और कांग्रेस (Congress) अपने एड़ी चोटी का दम लगा रहे है। वहीं अब उपचुनाव से पहले प्रदेश में शिक्षा पर सियासत गर्मा गई है। दरअसल, सागर जिले के रहली के उद्यानिकी महाविद्यालय (Horticulture college of sagar) को डेढ़ साल के कार्यकाल में कमलनाथ सरकार (Kamalnath government) ने बंद कर दिया था, उससे शिवराज सरकार(Shivraj government) ने दोबारा शुरु कर दिया है। कमलनाथ सरकार द्वारा बंद किए गए कॉलेज के फैसले का कारण बीजेपी ने राजनीतिकरण बताया है। शिवराज सरकार का मानना है कि इस कॉलेज को दोबारा शुरु करने से छात्रों के भविष्य पर प्रश्नचिन्ह नहीं लगेगा। शिवराज सरकार के लिए गए इस फैसले पर प्रदेश के लोक निर्माण, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री गोपाल भार्गव (Public Works, Cottage and Village Industries Minister Gopal Bhargava) ने सीएम शिवराज (CM Shivraj) का आभार व्यक्त किया है।

मंत्री गोपाल भार्गव ने ट्वीट करते हुए कहा कि बुंदेलखंड के लिए आज प्रसन्नता का विषय है कि पिछले कार्यकाल में सरकार द्वारा रहली में स्वीकृत किये गए उद्यानिकी महाविद्यालय को कमलनाथ सरकार रद्द कर छिंदवाड़ा ले गए थे। उस आदेश को आज पुनः मेरी सरकार ने पलटते हुए रहली में ही स्थापित किये जाने के आदेश जारी किये है। अतः अब पूर्वानुसार डेढ़ अरब रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इस हेतु मुख्यमंत्री शिवराज तथा समस्त संबंधितों को मेरा कोटिशः धन्यवाद। यह महाविद्यालय प्रतिवर्ष रोजगार अवसर उपलब्ध करेगा ।

 

बता दें कि साल 2018 में तत्कालीन राज्य सरकार ने अगस्त के महीने में सागर जिले के रहली तहसील को एक बड़ी सौगात देते हुए उद्यानिकी महाविद्यालय शुरु करने का फैसला लिया था। जिसके तहत शैक्षणिक सत्र 2018-19 और 2019-20 में प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड (Professional examination board) द्वारा चयनित विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया था, इन महाविद्यालयों में तीन सेमेस्टर के शैक्षणिक सत्र भी पूर्ण किये गये हैं। मंत्री गोपाल भार्गव ने आरोप लगाते हुए कहा कि कमलनाथ सरकार ने 6 मार्च को राजनैतिक कारणों के चलते महाविद्यालय का संचालन बंद करने का निर्णय लिया था। जिसके फलस्वरूप प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले कृषि उद्यानिकी विषय के छात्रों के भविष्य पर प्रश्न-चिह्न खड़ा हो गया था। यह प्रदेश का दूसरा उद्यानिकी महाविद्यालय है।

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