भोपाल के इकबाल मैदान में फिर गूंजे इंकलाबी नारे, CAA के खिलाफ हुआ प्रदर्शन

भोपाल। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ एक बार फिर राजधानी भोपाल के इकबाल मैदान में लोग एक जुट हुए और इस कानून के खिलाफ जमकर विरोध दर्ज कराया। हालांकि, राजधानी में धारा 144 लागू होने के कारण प्रदर्शकारियों को नारेबाज़ी करने से पुलिस ने रोका लेकिन उसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने अलग अलग समुह बनाकर विरोध किया। मध्य प्रदेश लोकतांत्रिक संगठन के नेतृत्व में इस विरोध प्रदर्शन को अंजाम दिया गया। इसमें कांग्रेस की पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन समेत लेफ्ट पार्टी के नेता भी शामिल हुए।

नटराजन ने इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि, ये कानून हमारे संविधान के खिलाफ है। संविधान की जो प्रस्ताव है सकी भावना के खिलाफ है। हमारे जो मौलिक अधिकार हैं, आर्टिकल 14 और 21 के खिलाफ है। जितने भी तरह के क्षेत्रिय संगठनों के साथ समझौते जो हुए हैं एकोर्ड्स जो हुए हैं वह शांतिपूर्ण तरह हुए हैं। उनके सबके भी खिलाफ है। इसलिए हमारी राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भारत बचाओ रैली में अपना विरोध दर्ज किया। और कांग्रेस ने यह भी फैसला किया है कि कांग्रेस अपने स्थापना दिवस 28 दिसंबर से हम संविधान यात्रा पूरे देश में करेंगे। हम यह भी जोड़ना चाहते हैं कि पंजाब और मध्य प्रदेश की दो सरकार पहली सरकार हैं जिन्होंने कहा कि हम इसे लागू नहीं करेंगे। इस कानून को जिस तरह से लेकर आया गया है वह केवल और केवल लोगों के बीच में जो अंग्रेजों नीति थी  फूट डालो राज करो। यह कानून भी उसी तर्ज पर लाया गया है। और लोगों को धर्म के नाम पर सांप्रदायितका की आड़ में बांटने की कोशिश है। और फिर देश भर में जो छात्र प्रदर्शन करने निकले उनके साथ जो बर्बरता हुई हम उसकी निंदा करते हैं। 

इकबाल मैदान में लगातार नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है। यहां पुलिस भारी बल के साथ मौजूद थी। दोपहर दो बजे से लोगों का आना शुरू हुआ। फिर अलग अलग समुह बनाकर लोगों ने इनकलाबी नारे लगाना शुरू किए और केंद्र सरकार के इस कानून के खिलाफ नारेबाज़ी भी की। हालांकि, पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को शांति बनाए रखने की अपील करती रही है। शांतिपूर्ण तरीके से लोगों ने अपना विरोध दर्ज कराया और राष्ट्रीय गान के साथ अपना विरोध प्रदर्शन खत्म किया।