निर्दलीय ‘शेरा’ ने कसा कमलनाथ सरकार पर शायराना तंज

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भोपाल।

लोकसभा बीते चुके है,लेकिन अबतक कांग्रेस में मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर कोई फैसला नही हो पाया है।चुनावी हार के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कमलनाथ सरकार नाराज विधायकों को साधने के लिए मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकती है, लेकिन ऐसा नही हुआ, जबकी चुनाव के बाद दो बड़ी बैठके हो चुकी है। सरकार की इस देरी के चलते समर्थन दे रहे विधायकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मंत्री पद ना मिलने से लंबे समय से नाराज चल रहे निर्दलीय विधायक सुरेन्द्र सिंह ने एक बार फिर इशारों ही इशारों में शायराने अंदाज में कमलनाथ सरकार पर तंज कसा है। 

          दरअसल, आज मीडिया से चर्चा के दौरान शेरा ने एक बार फिर कमलनाथ सरकार पर सवाल उठाए और शायराने अंदाज में तंस कसते हुए कहा कि “वक्त पड़ा गुलिस्ता को तो खून हमने दिया, बहार आई तो कहने लगे तेरा काम नहीं।” शेरा यही नही रुके आगे उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार को लेकर पब्लिक में रुझान नहीं, अधिकारी सही काम नहीं कर रहे ,एक अधिकारी पर चार चार विभाग की जिम्मेदारी है। बिजली कटौती इतना बड़ा इशू नहीं, जबरदस्ती बनाया जा रहा। यह किसी की साजिश नहीं। 

इससे पहले भी वह कई बार इस बात के संकेत दे चुके हैं कि अगर उन्हें मंत्रीमंडल में शामिल नहीं किया गया तो वह समर्थन वापस ले सकते हैं। बीते दिनों उन्होंने एक बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रदेश की जनता ने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को नमस्ते कर दिया है। अगर उनके विधानसभा क्षेत्र की जनता उनसे कहेगी तो वह भी कांग्रेस को नमस्ते कर देंगे।हालाँकि हाल ही में विधायक दल की बैठक के दौरान उन्होंने दावा किया था कि वो मंत्री बनेंगे और सीएम से उनकी बात हो गई है।देखते है कब मंत्री पद मिलता है, लेकिन कब बनेंगें यह नही बताया था।आज एक बार फिर उन्होंने इशारों ही इशारों में अपनी मन की बात कही है, अब देखना है कि कमलनाथ सरकार शेरा के इस बयान को किस तरह से लेती है।

बता दे कि राज्य में कांग्रेस के पास 114 विधायकों का समर्थन है। इसमें बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के 2 विधायकों, समाजवादी पार्टी (सपा) के 1 और 4 निर्दलीय विधायकों का समर्थन है। नाथ ने उनमें से कई को लोकसभा चुनाव के बाद कैबिनेट में शामिल होने का आश्वासन दिया था। कई कांग्रेस विधायक भी मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार कर रहे हैं।लेकिन पार्टी हाईकमान से मंजूरी के बाद ही कैबिनेट विस्तार पर कोई फैसला लिया जाएगा।