मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा फैसला, 4 महिने में सौंपनी होगी रिपोर्ट

प्रदेश में माह जनवरी में ऑपरेशन मुस्कान के तहत 2,444 बालिकाएँ एवं माह फरवरी में 885 बालिकाएँ प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर से दस्तयाब की गईं।

शिवराज सिंह चौहान

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। बेटियों के लिए हमेशा चिंतित रहने वाले मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) एक बार फिर अपहरण और दुष्कर्म (Kidnapping and rape) के मामलों को लेकर सख्त हो गए है।इसी के चलते अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बेटियों के अपहरण और दुष्कर्म के मामलों का अध्ययन कराने का फैसला किया है। इसके लिए अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान चुना गया है जो इन सभी मुद्दों का अध्ययन कर 4 महिने में रिपोर्ट सौंपेगा ताकी इस पर सख्ती से लगाम लगाई जा सके।

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दरअसल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान(Shivraj Singh Chauhan) द्वारा कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रेंस (Collector-SP Conference)में गुम तथा अपह्रत बालिकाओं के प्रकरणों में चिंता व्यक्त करते हुए इन प्रकरणों में बच्चियों के गुम होने के कारणों, पुलिस (mp police) की कार्यवाही एवं बच्चियों के पुनर्वास के लिये विस्तृत अध्ययन कर इनकी रोकथाम के लिये सुझाव और नीतिगत अनुशंसाएँ प्रस्तावित करने के निर्देश दिये गये थे। इन्हीं निर्देशों के पालन में गृह विभाग द्वारा इस अध्ययन के लिये अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान को चिन्हित किया गया है।

इस संबंध में मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में प्रदेश में बालिकाओं के अपहरण और व्यपहरण के प्रकरणों की रोकथाम के अध्ययन एवं सुझाव के लिये पुलिस मुख्यालय (PHQ) की महिला अपराध शाखा और स्कूल ऑफ अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (School of Atal Bihari Vajpayee Institute of Good Governance and Policy Analysis) के मध्य एमओयू (MOU) हस्ताक्षरित किया गया है। एमओयू के अनुसार अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा महिलाओं एवं बच्चियों के गुम, अपहरण एवं व्यपहरण के कारणों तथा बालिकाओं के सामाजिक एवं आर्थिक परिवेश का अध्ययन किया जायेगा।

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इस अध्ययन के आधार पर इन अपराधों की रोकथाम के लिये सुझाव, मौजूदा कानून व्यवस्था में संशोधन, संबंधित विभागों की सहभागिता से जुड़े पहलुओं और पुलिस प्रक्रिया में सकारात्मक सुझाव प्रस्तावित किये जायेंगे। संस्थान द्वारा अपनी प्रथम रिपोर्ट 4 माह में प्रस्तुत की जायेगी।अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (महिला अपराध), पुलिस मुख्यालय प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव और निदेशक अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान गिरीश शर्मा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये।

मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि गुम बालिकाओं की पतारसी एवं दस्तयाबी राज्य सरकार(MP Government) की प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में माह जनवरी में ऑपरेशन मुस्कान के तहत 2,444 बालिकाएँ एवं माह फरवरी में 885 बालिकाएँ प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर से दस्तयाब की गईं। इन अपहरण एवं व्यपहरण के लंबित प्रकरणों में बालिकाओं के अभिभावकों को अधिकार-पत्र भी दिये जा रहे हैं।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में सुशासन एवं नीति विश्लेषण स्कूल को सितम्बर 2007 में स्थापित किया गया था। व्यापक उद्देश्यों के लिए अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान की स्थापना के साथ सुशासन एवं नीति विश्लेषण स्कूल(School) को इस संस्थान में विलय कर दिया गया है। संस्थान मध्यप्रदेश सोसायटी रजिट्रीकरण अधिनियम, 1973 के तहत पंजीकृत सोसायटी है। संस्थान की शीर्ष संस्था ”शासी निकाय” है, जिसके चेयर पर्सन माननीय मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश शासन हैं। संस्थान की कार्यकारी निकाय के अध्यक्ष संस्थान के महानिदेशक हैं।