सियासत: कांग्रेस का मौन, दिग्विजय बोले-बड़े विभागों में सिंधिया की इतनी रुचि क्यों?

भोपाल।
दिल्ली से भोपाल (delhi to bhopal) तक चले वर्कआउट और शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार (Shivraj cabinet expansion) के 11 दिन बाद आखिरकार मंत्रियों में विभागों का बंटवारा(Division of departments) हो ही गया।एक तरफ जहां कमलनाथ सरकार (kamalnath sarkar) का पतन और बीजेपी की सरकार बनवाने में अहम भूमिका निभाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) अपने समर्थकों को पसंद के विभाग दिलवाने में कामयाब हुए वही दूसरी तरफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने अपने पास सामान्य प्रशासन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास, विमानन समेत ऐसे विभाग रखे हैं जो किसी अन्य मंत्री के पास नहीं हैं।विभाग बंटवारे के बाद जहां कांग्रेस ने चुप्पी साध रखी है वही पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय  सिंह (Former Chief Minister and Rajya Sabha MP Digvijay Singh) का बड़ा बयान सामने आया है।दिग्विजय ने सिंधिया समर्थकों को मिले बडे विभागों को लेकर तंज कसा है। दिग्विजय ने लिखा है परिवहन और राजस्व विभाग में सिंधिया जी की इतनी रुचि क्यों है? समझदार लोग समझते हैं।

दिग्विजय ने ट्वीटर के माध्यम से सिंधिया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को आडे हाथों लिया है। दिग्विजय ने ट्वीट कर लिखा है कि आख़िर 11 दिनों के ‘वर्कआउट’के बाद लूट का बँटवारा हो गया। परिवहन, राजस्व जलसंसाधन आदि गये भगोड़ों को और एक्साइज़ शहरी विकास गये भाजपा को। देखते हैं 3 महीने की अंतरिम सरकार कितना अपना भला करती है और कितना जनता का। यह भी देखना है इस अंतरिम मंत्रिमंडल की कितनी बात अधिकारी मानते हैं।आगे दिग्विजय ने लिखा है कि परिवहन और राजस्व विभाग में सिंधिया जी की इतनी रुचि क्यों है? समझदार लोग समझते हैं।

बंटवारे के पहले भी एक दिग्विजय का ट्वीट सामने आया था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि मध्यप्रदेश मंत्रीमंडल में विभागों के बँटवारे को ले कर पूरी भाजपा दिल्ली से ले कर भोपाल में “वर्कआउट” चल रहा है। यह मंत्रीमंडल के बँटवारे का झगड़ा नहीं है यह “लूट” के बँटवारे का झगड़ा है। परिवहन, एक्साइज़, राजस्व् शहरी विकास आदि सिंधिया जी नहीं छोड़ना चाहेंगे। क्यों? समझ जाओगे!

जाने सिंधिया समर्थकों को कौन कौन से मिले विभाग

दरअसल, शिवराज मंत्रिमंडल के बाद विभागों में भी सिंधिया की पसंद का ख्याल रखा गया है।सिंधिया खेमे की कमलवाथ सरकार में  महिला एवं बाल विकास विभाग का संभाल चुकी इमरती देवी को शिवराज सरकार में भी यही विभाग दिया गया है।गोविंद सिंह राजपूत को भी दोबारा राजस्व और परिवहन विभाग मिला है। कमलनाथ सरकार में स्कूली शिक्षा मंत्री रहे डॉ प्रभुराम चौधरी को शिवराज सरकार में हेल्थ मनिस्टर बनाया गया है।  हालांकि स्वास्थ्य विभाग कमलनाथ सरकार में भी सिंधिया खेमे के पास था। कमलनाथ सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे तुलसी सिलावट को शिवराज सरकार में जल संसाधन विभाग, प्रद्युमन सिंह तोमर को ऊर्जा मंत्री बनाया गया है।वही कमलनाथ सरकार में तोमर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री थे और शिवराज सरकार में भी उनके पास यही विभाग है। महेन्द्र सिंह सिसौदिया को ग्रामीण एवं पंचायत विभाग का मंत्री बनाया गया है। सिसौदिया कमलनाथ सरकार में श्रम मंत्री थे।इसके अलावा सिंधिया खेमे के राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव को औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन का कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। वहीं, बृजेंद्र सिंह यादव, गिर्राज दंडोतिया, सुरेंद्र धाकड़ और ओपीएस भदौरिया पहली बार मंत्री बने हैं। इन्हें अलग-अलग विभागों का राज्यमंत्री बनाया गया है।