राजधानी को जल संकट से उभारने मेयर ने प्रभारी मंत्री से की ये मांग, इधर रहवासियों ने किया चक्काजाम

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भोपाल।

इन दिनों प्रदेश के अन्य जिलों के साथ साथ राजधानी भोपाल में भी जल संकट का मुद्दा गहराया हुआ है। पानी की लगातार हो रही किल्लत के कारण चारों ओर हाहाकार मचा हुआ है, लोग सड़कों पर उतर प्रदर्शन कर रहे है। वही विपक्ष भी लगातार इसे ढाल बनाकर सत्ता पक्ष पर हमले बोल रहा है। इसी समस्या के समाधान के चलते महापौर आलोक शर्मा कमलनाथ सरकार में सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह से मिलने पहुंचे और भोपाल में जल संकट को लेकर सर्वदलीय बैठक की मांग की।इस पर मंत्री गोविंद सिंह ने भोपाल में जल संकट की बात से इंकार किया हालांकि बैठक कराने पर विचार करने की बात कही।

दरअसल, राजधानी भोपाल में इस भीषण गर्मी में जबरदस्त जलसंकट देखने को मिल रहा है। शहर में जितने भी जल स्त्रोत में आखिरी सांस ले रहे है, जिससे आने वाले समय में स्थिति और भयावह हो सकती है निगम ने पहले कोई रोडमैप बनाया नहीं और अब बैठक कर पर मंथन किया जा रहा है कैसे शहर जलसंकट से बाहर निकाला जाए। शहर के कई इलाकों में तो लोग टैंकर और पानी खरीदकर अपना काम चला रहा है, ऐसे मे बढती पानी की किल्लत को देखते हुए महापौर आलोक शर्मा ,MIC सदस्यों के साथ  सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह के बंगले पर पहुंचे और भोपाल के प्रभारी मंत्री होने के नाते की मुलाकात की।

इस दौरान शर्मा ने इस जलसंकट से उभरने के लिए मंत्री से 100 करोड़ के पैकेज की मांग की।साथ ही सभी दलों के सांसद विधायको की मौजूदगी में बैठक करने की मांग उठाई।इस पर डॉ गोविंद सिंह ने सभी को  जल्द बैठक करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में सीएम कमलनाथ से चर्चा करेंगें।भोपाल समेत प्रदेशभर से मिल रही पेयजल की दिक्कतों को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाने पर भी सरकार विचार करेगी।वही उन्होंने  भोपाल में जल संकट से इनकार किया। उन्होंने कहा कि भोपाल मे इतना बड़ा संकट नही है।

कोलार में रहवासियों ने किया चक्काजाम

वही राजधानी भोपाल के कोलार इलाके में आज रहवासियों ने चक्काजाम कर दिया।जैसे ही इस बात की खबर अधिकारियों को मिली वे मौके पर पहुंचे और रहवासियों को समझाइश दी। लेकिव ने समझाइश के बाद भी नहीं माने और सड़कों पर खड़े होकर नारेबाजी करते रहे।इसके चलते करीब एक घण्टे चक्का जाम हो गया और गाडियो की लंबी लंबी लाइन लग गई और भीषण गर्मी में लोग सड़कों पर खडे होकर परेशान होते रहे।