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भोपाल। आज वो दौर है जब बच्चे सोशल मीडिया की दुनिया में गुम है| ज्यादातर बच्चे तो टेलीविजन और मोबाइल के बाहर अपना जीवन देखना ही नहीं चाहते| ऐसे में भोपाल के भेल में स्थित कॉर्मल कॉन्वेंट स्कूल में पढने वाली 15 साल की हरेप्रिया और 10 साल का कृष्णादास कथावाचक बन गए है| हरेप्रिया और कृष्णादास दोनों ही सगे भाई-बहन हैं और बीते तीन सालों से कथा और प्रवचन कर रहे हैं| दोनों भाई-बहन के हजारों अनुयायी है इस छोटी सी उमर में दोनों बड़े बड़े विद्दवानों को मात दे चुके हैं|

बीते तीन सालों में हरेप्रिया 15 और कृष्णादास 10 कथाएं और प्रवचन कर चुके हैं| जितनी शिद्दत से दोनों भाई बहन भगवान की भक्ती करते हैं .उतनी ही मेहनत से रोज पढाई भी करते हैं| दोनों बताते हैं कि उनके घर पिछले सात साल से टीवी नहीं है और टीवी की जगह 18 पुराण और 4 वेद रखे गए हैं| जिनके लगातार अध्यन से उन्हे इतना ज्ञान प्राप्त हुआ है| स्कूल की पढाई की तरह ही इन वेदों का भी रोज अध्ययन किया जाता है… साथ ही जब तक बहुत ज्यादा जरूरी नहीं होता दोनों फोन को भी प्रयोग नहीं करते हैं|

अपनी उम्र से 2 गुना ज्यादा बड़ा काम करने वाली हरेप्रिया मानती है…. कि आज का युवा पाश्चात्य संस्कृति की तरफ बढता चला जा रहा है…. सनातन धर्म की मान्यताओँ को लोग भूलते जा रहे हैं…..इसलिए वो अपनी कथाओं के आधार से पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित युवाओं को वैज्ञानिक आधार पर सनातन धर्म से जोड़ना चाहती हैं… क्योंकि युवाओँ को सनातन धर्म से जोड़कर ही सृष्टि और मानवता का कल्याण हो सकता है|