प्रतिबंधित मुद्रा का करोबार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, हजारों को ठगा, हांगकांग से जुड़े तार

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भोपाल। क्रिप्टो करेंसी (प्रतिबंधित मुद्रा) का कारोबार करने वाले ठग गिरोह के सरगना को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। पति और पत्नी का यह जोड़ा देश भर में करीब एक हजार लोगों से 50 करोड़ रूपए की ठगी कर चुका है। एसटीएफ ने आरोपियों के अकाउंट से तीन करोड़ रूपए ठगी की रकम को जब्त किया है। ठगी के इस कारोबार को दिल्ली में बैठकर बृजेश रायकवार व उसकी पत्नी साथियों के साथ में अंजाम दिया गया करते थे। आरोपी प्रतिबंधित मुद्रा में इंवेस्टमेंट करने के नाम पर रकम दो गुनी करने का झांसा दिया करते थे। पुलिस दोनों जालसाजों की निशानदेही पर उनके साथियों की तलाश कर रही है। गिरोह के तार हांगकांग तक जुड़े हैं।

विशेष पुलिस महानिदेशक एसटीएफ/साइबर सेल पुरुषोत्तम शर्मा द्वारा एसटीएफ की समस्त इकाइयों को इस गिरोह के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे| इसी के तहत अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसटीएफ अशोक अवस्थी के निर्देशन में एसटीएफ द्वारा क्रिप्टो करेंसी के कारोबार में लिप्त अंतर्राष्ट्रीय ठग गिरोह का पर्दाफाश किया| ठगी के इस कारोबार को दिल्ली में बैठकर बृजेश रायकवार व उसकी पत्नी साथियों के साथ में अंजाम दिया गया करते थे। 

विशेष पुलिस महानिदेशक को भोपाल के शिकायतकर्ता ने शिकायत की थी कि PGUC कंपनी जिसका मुख्यालय हांगकांग में है जो c.cex.com exchange में enrol  है की क्रिप्टो करेंसी की खरीदी बिक्री विश्व बाजार में बहुत ज्यादा है| राजीव शर्मा द्वारा आवेदक गणों को बताया कि इस मल्टीलेवल मार्केटिंग आधारित व्यवसाय में बृजेश रैकवार व रूपेश राय भारत में प्रमोटर है| राजीव शर्मा के साथ साथ रूपेंद्र पाल सिंह, विनीत यादव असोसिएट एवं पाटनर है|  इनके द्वारा दिसंबर 2017 में एक्सचेंज बंद हो जाने के बाद पीजीयूसी कंपनी के क्रिप्टो करेंसी को bistrade रेट एक्सचेंज में ट्रांसफर करना बताया जो कि बाद में एक फर्जी एक्सचेंज मालूम हुआ|  इस शिकायत पर उप पुलिस अधीक्षक डीके सिंह निरीक्षक दीपिका शिंदे, आरक्षक यादव, आरक्षक रविंद्र जाट सुरेश मिश्रा, आरक्षक नीलेश्वर निर्मल के दल को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली| जब बृजेश अपने ससुराल मिलने आया तो टीम ने उसे पत्नी के साथ धर दबोचा|  आरोपी एवं उसकी पत्नी के खातों में क्रिप्टो करेंसी से अवैध रूप से तीन से चार करोड़ का हिसाब मिला है|