MP की दो विद्युत इकाइयों ने बनाया उत्पादन का नया रिकॉर्ड, पढ़ें पूरी खबर

Record of power generation in MP :  मध्य प्रदेश में बिजली (विद्युत) की कमी नहीं हैं, इस बात का भरोसा सीएम शिवराज सिंह चौहान बार बार प्रदेश की जनता को दिलाते हैं , उर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी कई बार कहा चुके हैं कि मध्य प्रदेश में पर्याप्त बिजली है, अब सरकार के इस दावे को इस बात से और भी बल मिला है कि जब दो बिजली इकाइयों ने उत्पादन का नया रिकॉर्ड  बनाया है।

अब तक का सर्वाधिक मासिक उत्पादन

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 4 की 250-250 क्षमता की दो इकाइयों ने माह दिसंबर 22 में 370.9 मिलियन यूनिट का रिकार्ड उत्पादन किया। यह विद्युत गृह क्रमांक 4 की स्थापना के समय से किसी भी माह का अब तक का सर्वाधिक मासिक विद्युत उत्पादन है। विद्युत गृह की इकाई क्रमांक 10 से 18 अगस्त 2013 और इकाई क्रमांक 11 से 16 मार्च 2014 को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ हुआ था।

ये है उपलब्धि

विद्युत गृह क्रमांक 4 द्वारा इस वर्ष माह दिसंबर तक का उत्पादन, प्लांट अवलेबिलिटी फैक्टर (पीएएफ) और प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) अभी तक का सर्वाधिक है। वहीं विद्युत गृह की आक्जलरी खपत और विशिष्ट तेल खपत अभी तक की न्यूनतम दर्ज हुई है। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह क्रमांक 4 की इन इकाइयों का वर्ष 2022-23 में माह दिसंबर 22 तक कुल विद्युत उत्पादन 2903.7 मिलियन यूनिट, पीएएफ 92 फीसदी एवं पीएलएफ 88 प्रतिशत रहा, जो इन इकाइयों की स्थापना वर्ष से अभी तक का (किसी भी वित्तीय वर्ष में दिसंबर माह तक) सर्वाधिक है। विद्युत गृह की आक्जलरी खपत (सहायक संयंत्र खपत) 8.2 प्रतिशत एवं विशिष्ट तेल खपत 0.20 मिली लीटर प्रति इकाई रही, जो अभी तक की न्यूनतम है।

उर्जा मंत्री ने दी बधाई

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय दुबे एवं मध्य प्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने इस पर हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने संबंधित समस्त अभियंताओं एवं कार्मिकों को बधाई देते हुए आशा जताई  है कि भविष्य में भी सारनी ताप विद्युत गृह बिजली उत्पादन के और भी कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में अग्रसर रहेगा।


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Atul Saxena

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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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