संकट में कमलनाथ सरकार, दिल्ली में BJP नेताओं ने डाला डेरा, बड़े दांव की तैयारी

भोपाल। कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह डंग के के इस्तीफे ने एक बार फिर मध्यप्रदेश में तख्तापलट के खेल को हवा दे दी़ है। सूत्रों की माने तो और भी विधायक इस्तीफा दे सकते हैं, वही इसी मौके पर फायद बीजेपी उठा सकती है। इस पूरे घटनाक्रम से भोपाल से दिल्ली तक हलचल तेज हो चली है। बैठकों का दौर शुरु हो गया है और कांग्रेस डैमेज कंटोल में जुट गई है।

खबर है कि मध्यप्रदेश में सियासी उठापटक तेज बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा , पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव देर रात ही दिल्ली रवाना हो गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पिछले चौबीस घंटे से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और भाजपा के कुशल प्रबंधक माने जाने वाले वरिष्ठ नेता अरविंद भदौरिया सियासी संग्राम का मोर्चा संभालने बेंगलुरु में हैं। दिल्ली में पूरा ऑपरेशन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के नेतृत्व में चल रहा है, जिसमें शिवराज, नरेंद्र सिंह तोमर, धर्मेंद्र प्रधान, वीडी शर्मा, नरोत्तम, अरविंद मेनन और आशुतोष तिवारी लगे हैं। पूरी मॉनिटरिंग पीएमओ और होम मिनिस्ट्री से हो रही है। रमाकांत भार्गव, रामपाल सिंह, अरविंद भदौरिया और विश्वास सारंग इसमें संपर्क सूत्र का काम कर रहे हैं। जिन विधायकों को कर्नाटक के बेंगलुरू के होटल में ठहराया गया है, उन्हें संभालने का जिम्मा भी बीएस येदियुरप्पा के बेटे को सौंपा गया है। बीजेपी इस मौके का पूरा फायदा उठाने में जुट गई है। भोपाल से दिल्ली तक बैठकों का दौर चल रहा है। माना जा रहा है कि कमलनाथ सरकार की मुश्किलें अब बढ़ सकती हैं। अगर कुछ और विधायकों का इस्तीफा होता है तो बहुमत का आंकड़ा कम होगा और कमलनाथ की सरकार गिर सकती है।
वहीं डंग के इस्तीफे पर सीएम कमलनाथ का आधिकारिक बयान आया है कि उन्हें इस्तीफे की सूचना तो मिली है लेकिन अभी तक न कोई औपचारिक पत्र आया है न उन्होने मुझसे प्रत्यक्ष संपर्क किया है।

आपको बता दें कि बुधवार शाम कांग्रेस अपने चार विधायकों को भोपाल ले आई थी और इसके बाद माना जा रहा था कि वो सेफ ज़ोन में पहुंच गई है। कांग्रेस लगातार कहती रही कि बीजेपी द्वारा सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें नाकाम हो गई है और प्रदेश में कमलनाथ सरकार को कोई खतरा नहीं है। लेकिन अब तक उनके तीन विधायक लापता थे, और उन तीन में से एक हरदीप सिंह डंग का इस्तीफा आने के बाद प्रदेश में एक बार फिर सियासी पारा हाई हो गया है। इस बीच बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के दिल्ली जाने से खबरों को और हवा मिल रही है वहीं इन सारे घटनाक्रम ने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी है।