भाजपा का हमला, फ्लॉप शो रहा कांग्रेस का भारत बंद, आंदोलन से मुखिया ही गायब   

कांग्रेस आज भी किसानों को गुमराह करने का काम कर रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि  कांग्रेस का चरित्र ही ऐसा है वो सीएए (CAA) और धारा 370 को लेकर भी देश के लोगों को गुमराह कर चुकी है।

vdsharmaa

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।  किसान आंदोलन (Former Protest) द्वारा बुलाये गए भारत बंद (Bharat Bandh)का अन्य विपक्षी पार्टियों के साथ कांग्रेस (Congress)ने भी समर्थन किया है।  राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस (MP Congress) ने भी अपने कार्यकर्ताओं से भारत बंद में जोर शोर से शामिल होने के लिए कहा था।  लेकिन भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस का बंद का आह्वान पूरी तरह से विफल रहा, ये फ्लॉप शो साबित हुआ।  भाजपा (BJP) ने तंज कसते हुए कहा कि बड़े नेता से लेकर कांग्रेस के मुखिया ही किसान आंदोलन से गायब हैं।

राजधानी में पत्रकारों से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma)ने कहा कि कांग्रेस के बन्द का आह्वान प्रदेश में पूरी तरह से विफल रहा, किसानों ने कांग्रेस का साथ ही नहीं दिया।  उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज जिन बातों का विरोध कर रही है उससे पहले कांग्रेस ही कृषि बिल का समर्थन करती थी। कांग्रेस इसी बिल को लेकर राज्यसभा में कपिल सिब्बल (Kapil Sibbal)का वक्तव्य देखे फिर विरोध की बात बोले। कांग्रेस आज भी किसानों को गुमराह करने का काम कर रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि  कांग्रेस का चरित्र ही ऐसा है वो सीएए (CAA) और धारा 370 को लेकर भी देश के लोगों को गुमराह कर चुकी है। उन्होंने कहा कि शरद पवार(Sharad Panvar), अमरिंदर सिंह(Amrindar Singh, अरविन्द केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने भी कभी इस बिल का समर्थन किया था। मगर अब विरोध कर रहे है यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ये कैसा आंदोलन है जिसमें पार्टी का मुखिया ही गायब है।  उनका इशारा पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ (Kamalnath)की तरफ था। वीडी शर्मा ने कहा कि किसानों को गुमराह करने और अस्थिर करने का कांग्रेस  का  प्रयास विफल रहा है.दरअसल कांग्रेस  को दर्द है कि देश आगे बढ़ रहा है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि  मोदी सरकार देश की सुरक्षा और किसानों को मजबूत बनाने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है,  जल्दी ही ये आंदोलन का भी पटाक्षेप होगा।  किसान संगठनों और सरकार के बीच  कई दौर की चर्चा हो चुकी है जो सकारात्मक रही है।