NH की मध्य सड़क से 40 मीटर तक होने वाले निर्माणों पर होगी कार्रवाई

छतरपुर, संजय अवस्थी। शहर के भीतरी हिस्सों सहित हाइवे से सटे बाहरी इलाकों में हो रहे बेतरतीब विकास पर अब राष्ट्रीय राजमार्ग अथॉरिटी की नजर है। एनएचएआई ने हाइवे किनारे सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बन रहे भवनों एवं हाइवे से सटी जमीनों पर बगैर अनुमति के हो रहे निर्माण कार्यों की जांच शुरू कराई है। झांसी-खजुराहो फोरलेन पर कई जगह ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि हाइवे से सटी जमीनों पर आवासीय कॉलोनी एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के निर्माण में नियमों की अनदेखी की जा रही है। एनएचएआई अब इन शिकायतों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने की तैयारी में है।

एनएचएआई ने कलेक्टर से किया आग्रह

एनएचएआई के झांसी-खजुराहो फोरलेन प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीएल चौधरी ने कलेक्टर को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि झांसी-खजुराहो खण्ड पर अनाधिकृत रूप से आवासीय और व्यवसायिक गतिविधियों होटल, ढाबा, हॉस्पिटल, विद्यालय एवं कॉलोनी को रोके जाने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं थानों को निर्देशित करें। इस पत्र में एनएचएआई ने उल्लेख किया है कि छतरपुर जिले में छातीपहाड़ी से लेकर बमीठा तक लगभग 85 किमी का फोरलेन निर्मित किया जा रहा है।

इस हाइवे को दुर्घटनामुक्त और परिवहन के लिए सुगम बनाने हेतु आवश्यक है कि इसके किनारे अवैध निर्माण न हों। कई स्थानों पर फोरलेन के किनारे लोगों ने व्यवसायिक लाभ लेने के लिए बगैर अनुमति के काम शुरू कर दिया है। उक्त पत्र के बाद कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए सर्वे करने के आदेश दिए हैं।

ये हैं नियम

एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीएल चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात अधिनियम के मुताबिक हाइवे की सड़क के मध्यबिन्दु से 40 मीटर की दूरी तक किसी भी तरह के निर्माण कार्य पूरी तरह अवैध माने जाते हैं। जबकि 40 मीटर से 75 मीटर तक की दूरी के बाद किसी भी तरह के निर्माण के लिए एनएचएआई से अनुमति लेना आवश्यक है। कोई भी भूस्वामी 75 मीटर के बाद ही निर्माण कार्य के लिए स्वतंत्र होगा। इस नियम के मुताबिक लगभग 75 मीटर की दूरी तक एनएचएआई का नियंत्रण होता है।

इनका कहना-

फोरलेन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीएल चौधरी ने कहा कि इस संबंध में कुछ शिकायतें प्राप्त हुईं थीं, जिनके आधार पर एनएचएआई ने जिला प्रशासन को एक पत्र के माध्यम से सूचित किया है। फिलहाल हम सभी नागरिकों से अनुरोध कर रहे हैं कि वे नियम का पालन करें। यदि नियम विरूद्ध निर्माण किए गए तो ऐसे लोगों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

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