डबरा में आंगनबाड़ी भर्ती को लेकर युवक ने परियोजना अधिकारी पर लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, कहा – फर्जी तरीके से हुई हैं भर्तियां

Amit Sengar
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Dabra News : मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले की डबरा तहसील से आंगनबाड़ी भर्ती मामले में भ्रष्टाचार के सनसनीखेज आरोप सामने आया है। जहां पर गिजोर्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम देवगढ़ के निवासी मुकेश शाक्य ने महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी पर फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आंगनवाड़ी में भर्ती को लेकर महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी बबीता धाकड़ ने उनके साथ धोखाधड़ी कर फर्जी तरीके से उनकी पत्नी की जगह किसी अन्य महिला को नियुक्त किया है।

यह है मामला

आंगनवाड़ी भर्ती में भ्रष्टाचार का मामला सामने आ रहा है जहां पर गिजोर्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम देवगढ़ के निवासी मुकेश शाक्य ने महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी पर फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आंगनवाड़ी में भर्ती को लेकर महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी बबीता धाकड़ ने उनके साथ धोखाधड़ी कर फर्जी तरीके से उनकी पत्नी की जगह किसी अन्य महिला को नियुक्त किया है।

परियोजना अधिकारी पर लगे गंभीर आरोप

मुकेश शाक्य ने बताया कि जब इसकी जानकारी उन्होंने सूचना के अधिकार से निकाली तो उसमें पाया गया कि जिस महिला की नियुक्ति बबीता धाकड़ ने की है वह महिला अन्य जिले की है और फर्जी दस्तावेज बनवाकर उसे आंगनवाड़ी में नियुक्त किया गया है। साथ ही मुकेश शाक्य ने महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी बबीता धाकड़ के पति पर एक से डेढ़ लाख रुपए रिश्वत मांगने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि बबीता धाकड़ के पति ने उनसे कहा कि पैसों का इंतजाम हो जाए तो वह उनकी पत्नी को नियुक्त करवा देंगे।

फरियादी ने कई वरिष्ठ अधिकारियों से की शिकायत

फरियादी मुकेश शाक्य ने इस संबंध में जब बबीता धाकड़ से बात की तो बबीता धाकड़ द्वारा बताया गया कि यह भर्ती सिर्फ उनके अकेले के द्वारा ही नहीं बल्कि जिले में बनी पूरी कमेटी के द्वारा की गई है वह उसमें कुछ नहीं कर सकते है। इस पूरे मामले को लेकर मुकेश शाक्य ने कई वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायतें भी लगाई है लेकिन अभी तक उसका कोई निराकरण नहीं हुआ ऐसे में साफ तौर पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब प्रशासनिक अधिकारी ही ऐसा भ्रष्टाचार करेंगे तो न्याय कौन करेगा।

वही जब इस पूरे मामले को लेकर परियोजना अधिकारी बबीता धाकड़ से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह पूरा मामला जिगिनियां बारकरी ग्राम का है। और यह प्रकरण डबरा 2 का है जिस वक्त यह भर्ती के लिए विज्ञप्ति निकली तब वह वहां पदस्थ नहीं थी और ना हीं उनके पास कोई प्रभार था उस वक्त जिगिनियाँ बारकारी मैं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए 10 आवेदन आए जिसमें उनकी जिला समिति द्वारा अंतिम सूची जारी की गई। वह 2021 में की गई थी इसके बाद उनमें से कुछ आवेदनों पर आपत्तियां लगाई गई इसके बाद उनकी जिला कमेटी के द्वारा निर्णय लिया गया कि जो भी आवेदनों पर आपत्ति लगाई गई है उनके दस्तावेजों की जांच जनपद सीईओ द्वारा कराई गई जिसमें जो भी जानकारियां सामने आई उसे जिला कमेटी के अंतिम निर्णय पर दो आवेदनों को निरस्त कर दिया गया और जो शिकायत कर्ता थी वह बारकरी से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर देवगढ़ की थी इसके कारण उसे भी निरस्त कर बारकरी की निवासी महिला को ही नियुक्त किया गया परियोजना अधिकारी बबीता धाकड़ ने बताया कि अगर इस पर किसी को कोई आपत्ति है तो वह न्यायालय में इसके लिए अपील कर सकता है।

आपको बता दें कि ऐसे ही फर्जीवाड़े को लेकर पहले भी बबीता धाकड़ के खिलाफ शिकायत हो चुकी है और मीडिया में भी यह खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं।

डबरा से अरुण रजक की रिपोर्ट


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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

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