इंदौर में अवैध कब्जा हटाने पहुंची निगम और पुलिस से लोगो का विवाद, आखिर में अवैध फैंसिंग हटाई गई

यहां पर कुछ क्षेत्रीय लोगों ने अवैध कालोनी (illegal colony) विकसित करने के इरादे से करीब 400 मीटर क्षेत्र में कब्जे के लिये तार फैंसिंग (fencing) करवा दी। अवैध कालोनी में अवैध तौर पर कब्जे के मामले को लेकर रहवासियों और कब्जाधारियों के बीच विवाद चल रहा था।  

अवैध फेंसिंग

इंदौर, आकाश धौलपुरे। इंदौर (indore) के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के ग्राम पिपलियाराव में मंगलवार सुबह हंगामा और विवाद खड़ा हो गया जब शिकायत मिलने पर नगर निगम (municipal council) की रिमूवल टीम (removal team) रीजनल पार्क के सामने स्थित राजरानी नगर पहुंची। दरअसल, यहां पर कुछ क्षेत्रीय लोगों ने अवैध कालोनी (illegal colony) विकसित करने के इरादे से करीब 400 मीटर क्षेत्र में कब्जे के लिये तार फैंसिंग (fencing) करवा दी। अवैध कालोनी में अवैध तौर पर कब्जे के मामले को लेकर रहवासियों और कब्जाधारियों के बीच विवाद चल रहा था।

यह भी पढ़ें… अच्छी खबर : कम हो सकती हैं पेट्रोल डीजल की कीमतें, सरकार कर रही ये प्रयास 

मंगलवार को मिली शिकायत के आधार पर जब नगर निगम की अवैध अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने कार्रवाई शुरू की तो दो पक्षों में मौके पर गहमागहमी हो गई।  इधर, जब पुलिस (police) विवाद के बीच पहुंची तो लोग पुलिस से वाद-विवाद करने लगें। जिसके बाद मौके पर राजेंद्र नगर थाना प्रभारी अमृता सिंह सोलंकी ने मोर्चा सम्भाला और भीड़ को मौके से अपने ही अंदाज में हटाना शुरू किया। वही निगमायुक्त के निर्देश पर मौके पर पहुंचे अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह को कई लोगो द्वारा जमीन के कागज दिखाने की बात भी की लेकिन निगम ने सभी को सवालो के कठघरे में ला खड़ा किया और आखिर में भारी विवाद के बाद जेसीबी की सहायता से समूचे क्षेत्र को कब्जा मुक्त कराया गया।

यह भी पढ़ें… MP Board: 10वीं और 12वीं प्रैक्टिकल परीक्षा को लेकर माशिमं ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश

निगम अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि अवैध कब्जे को हटाने की कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर की है। उन्होंने बताया कि झोन नम्बर 13 में रीजनल पार्क के सामने राजरानी कालोनी जो कि अवैध और पुरानी कालोनी है। वहां बहुत सारे घर बने है और उसी कालोनी के कुछ लोग विस्तार कर रहे थेउन्होंने कहा कि जब भी ऐसी कार्रवाई होती है तो विवाद होना स्वभाविक होता है और वहां बहुत सारे पक्षकार थे जितने लोगो ने वहां प्लॉट खरीदे थे वो वहां थे और मोहल्ले के रहवासी एकत्रित हुए थे। विपरीत रंजिश के मामले के चलते दो पक्ष इकठ्ठा गए थे जिसके कारण विवाद हुआ। फिलहाल, निगम ने जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करा दिया है।