सूखे से जूझते लोगों ने लिया टोटकों का सहारा: कुप्रथा में जकड़े लोगों ने दिखाई अमानवीयता, जानें पूरा मामला

यहां छोटी-छोटी बच्चियों को नग्न कर उन्हें मूसल देकर पूरे गांव में घुमाया गया। बच्चियों के साथ ये करने वाला कोई और नहीं बल्कि उनके ही परिवार की महिलाएं, उनकी माताएं और आस पड़ोस के लोग हैं.

दमोह आशीष कुमार जैन। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कई हिस्सों में जहाँ बाढ़ के हालात बने, तो सूबे के कई जिले भीषण सूखे (Draught) की चपेट में हैं और ये सूखा अब लोगों से तरह-तरह के जतन करा रहा है। प्रदेश के दमोह (Damoh) से कुछ ऐसी तश्वीरें सामने आई हैं जो कुप्रथा की बानगी तो हैं ही साथ ही अमानवीयता को भी दर्शाती हैं। यहां छोट-छोटी बच्चियों को नग्न कर उन्हें मूसल देकर पूरे गावँ में घुमाया गया। और ये करने वाला कोई और नही बल्कि उनके ही परिवार की महिलाएं, मांताएँ और आस-पड़ोस के लोग हैं।

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दरअसल जिले के जबेरा ब्लाक के अमदर पंचायत के बनिया गांव में बारिश न होने की वजह से लोग परेशान है। सूखे को देखते हुए पुरानी मान्यता के मुताबिक गावँ की छोटी-छोटी बच्चियों को पूर्ण नग्न कर उनके कंधों पर मूसल रखा जाता है और इस मूसल में मेंढक को बांधा जाता है। बच्चियां पूरे गावँ में घूमती हैं और पीछे-पीछे महिलाएं भजन-कीर्तन करती जाती हैं। रास्ते मे पड़ने वाले घरों से ये महिलाएं आटा-दाल मांगती हैं और जो राशन जमा होता है उंस राशन से गावँ के मंदिर में भंडारा होता है। मान्यता है कि ऐसा करने से बारिश होती है।

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इसी कुप्रथा को एक बार फिर अंजाम दिया गया और बनिया गावँ में प्रथा के नाम पर मासूम बच्चियों के साथ ये सलूक भी किया गया। इस पूरे मामले पर जिले के पुलिस डी आर तेनिवार का कहना है कि ये एक परंपरा है जो अंधविश्वास भी कही जा सकती है जिसमें सहमति से बच्चों से ये सब कराया जाता है। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। साथ ही उन्होंने बताया कि यदि किसी बच्चे को जबरन ऐसा करने के लिए बाध्य किया गया है तो पुलिस उसपर कार्रवाई करेगी।