विधायक की IAS अफसरों को नसीहत, आपके पास परफॉर्मेंस के लिये 30 साल, हमारे पास पांच

अधिकारियों ने जैसे ही विकास को लेकर अपनी बात रखी कांग्रेस विधायक ने सवाल किया कि आप लोग बार बार योजनाएं बदल देते हैं जिससे विकास अवरुद्ध होता है। पहले आपने कहा कि स्वर्ण रेखा में साफ पानी बहायेंगे, नाव चलाएंगे, फिर कहा कि कि इसपर एलिवेटेड सड़क बनाएंगे, फिर कहा कि उसपर मेट्रो चलाएंगे। अरे भाई आप एक बार ही तय कर लीजिये कि आप करना क्या चाहते हैं।

प्रवीण पाठक

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ग्वालियर (Gwalior) शहर के विकास के लिए बैठे प्रशासनिक अधिकारियों को कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक (Praveen Pathak) ने आईना दिखा दिया। विधायक ने जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकों में तय बिंदुओं को बदले जाने और बार बार विकास योजनाएं बदले जाने पर नाराज जताई। विधायक ने संभाग आयुक्त, कलेक्टर, निगम कमिश्नर जैसे IAS अधिकारियों से कहा कि यदि सब कुछ आप लोगों को ही तय करना है तो हमें फाईल दिखा दिया करें हम दस्तख़त कर दिया करेंगे। विधायक पाठक ने नसीहत देते हुए कहा कि आप लोगों को अपना परफॉर्मेंस दिखाने के लिए 25 से 30 साल मिलते हैं लेकिन जनप्रतिनिधियों के पास केवल पांच साल ही होते हैं।

योजनाएं बदलने से अवरुद्ध होता है विकास
ग्वालियर संभाग आयुक्त कार्यालय मोती महल के मान सभागार में आज ग्वालियर शहर के विकास को लेकर सांसद विवेक नारायण शेजवलकर की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मई 2018 की बैठक का पालन प्रतिवेदन पढ़ा गया अर्थात 2018 के बाद उन विषयों पर आज दो साल बाद ये बैठक आयोजित की गई है। बैठक में कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक, डॉ सतीश सिंह सिकरवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। अधिकारियों ने जैसे ही विकास को लेकर अपनी बात रखी कांग्रेस विधायक ने सवाल किया कि आप लोग बार बार योजनाएं बदल देते हैं जिससे विकास अवरुद्ध होता है। पहले आपने कहा कि स्वर्ण रेखा में साफ पानी बहायेंगे, नाव चलाएंगे, फिर कहा कि कि इसपर एलिवेटेड सड़क बनाएंगे, फिर कहा कि उसपर मेट्रो चलाएंगे। अरे भाई आप एक बार ही तय कर लीजिये कि आप करना क्या चाहते हैं। बार बार प्लानिंग चेंज करने से विकास रुकता है। विधायक ने कहा कि सरकार से एलिवेटेड रोड के लिए 850 करोड़ कि स्वीकृति आ गई लेकिन सरकार के पास 80 करोड़ भी नहीं है, आपने एक बड़ा हाथी हमारे माथे फिर बांध दिया।

एसडीएम कार्यालय शिफ्ट करने से भड़के विधायक
कांग्रेस विधायक ने IAS अधिकारियों से नाराजगी दर्ज कराते हुए कहा कि पिछली बैठक में जन प्रतिनिधियों की मौजूदगी में तय हुआ था कि लश्कर एसडीएम का कार्यालय कंपू में शिफ्ट किया जायेगा आप लोगों ने बिना बताये उसे अपने हिसाब से शिफ्ट कर दिया। तो जब मीटिंग में स्थान तय हो गया तो फिर बदला क्यों? इससे तो अच्छा हो कि आप लोग बता दो हम मौन धारण कर आयेंगे, आप जो प्रस्ताव बनाकर देंगे हम दस्तखत कर चले जायेंगे। फिर हम क्यों समय निकालकर यहाँ आये।

विधायक का तंज 2018 की बैठक 2021 में तो अगली बैठक 2024 में होगी
विधायक पाठक ने कहा कि आप लोगों के पास अपने आपको साबित करने यानि परफॉर्मेंस दिखाने के लिये 25 से 30 साल मिलते हैं आज इस जिले में तो कल दूसरे में लेकिन जनप्रतिनिधि के पास तो पांच साल ही होते हैं। 2018 की बैठक आप 2021 में कर रहे हैं तो अब अगली बैठक 2024 में होगी फिर तो हो गया विकास। मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कृपया ग्वालियर के विकास जो गंभीरता से लें।

सांसद से किया निवेदन शहर के आसपास के विकास पर भी ध्यान दें
कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद विवेक नारायण शेजवलकर से कहा कि आप शहर के अंदर के विकास को लेकर ही योजनाएं बना रहे हैं जबकि साडा पर अब तक सरकार का हजारों करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। शहर से साडा को जोड़ने वाला ब्रिज बनवा दीजिये, साढ़े सात मिनिट में साडा पहुंचा जा सकेगा। ये प्लानिंग 10 साल से पेंडिंग है। पहले ये क्षेत्र सोन चिरैया अभयारण्य में था जो विकास में बाधा थी लेकिन अब तो जमीन डिनोटिफिकेशन हो गया। लेकिन अधिकारी जैसा कहते जाते हैं हम वैसा मानते जाते हैं। आपको गंभीर होना होगा।

बैठक में संभाग आयुक्त आशीष सक्सेना, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा, स्मार्ट सिटी की CEO जयति सिंह, ग्वालियर विकास प्राधिकरण के CEO केके गौर, साडा के CEO बीके शर्मा सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

इन विकास योजनाओं को गति देने पर बनी सहमति
विकास योजनाओं की इस बैठक में सर्व सम्मति से तय किया गया कि जेसीमिल की जो जमीन शासन को प्राप्त हुई है। उस जमीन पर एकीकृत विकास का प्लान तैयार किया जाए। जिसमें आवास, उद्योग, वाणिज्य के लिये स्थान शामिल हो। इस परियोजना की विस्तृत प्लानिंग का कार्य स्मार्ट सिटी के माध्यम से किया जाए। परियोजना में उस क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों के लिये भी बेहतर सुविधायें हों, यह भी सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही स्वर्ण रेखा पर 850 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले एलीवेटेड रोड़ की डीपीआर बनाने की मंजूरी प्रदेश सरकार द्वारा दी गई है। इसकी डीपीआर बनाने का कार्य 31 जनवरी तक किया जाए। एलीवेटेड रोड निर्माण की घोषणा प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई थी, जिसके परिपालन में शासन द्वारा डीपीआर तैयार करने की मंजूरी भी प्रदान कर दी गई है। सांसद श्री शेजवलकर एवं संभागीय आयुक्त आशीष सक्सेना ने कहा कि स्वर्ण रेखा पर स्मार्ट सिटी के माध्यम से भी रिवर फ्रंट निर्माण का प्रस्ताव है। इसके साथ ही अमृत परियोजना के तहत सीवर लाईन बिछाने का कार्य भी किया जाना है। इन सभी कार्यों के संबंध में सेतु विकास निगम योजनाओं का आंकलन करें और अपनी रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें। एलीवेटेड रोड़ के कारण अगर कोई परियोजना प्रभावित हो रही है तो उसकी भी जानकारी दी जाए। बैठक में यह भी तय किया गया कि पूर्व में विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के विकास के लिये स्टेशन से साडा तक एलीवेटेड रोड़ बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। विधायक श्री प्रवीण पाठक ने कहा कि सोन चिरैया अभ्यारण्य के कारण तत्समय उस परियोजना पर कार्य नहीं हो सका था। वर्तमान में सोन चिरैया से उस क्षेत्र का डीनोटिफिकेशन हो गया है। उक्त परियोजना पर पुन: विचार करना उचित होगा। बैठक में सर्व सम्मति से उक्त परियोजना पर पुन: अपनी रिपोर्ट आगामी बैठक में रखने का निर्णय लिया गया।

विधायक की IAS अफसरों को नसीहत, आपके पास परफॉर्मेंस के लिये 30 साल, हमारे पास पांच