परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मांग- कोरोना योद्धा घोषित करें

जितेन्द्र सिंह रघुवंशी ने लिखा है कि परिवहन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी दिन रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं कि शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन कर रहे हैं ।

मध्य प्रदेश

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मध्य प्रदेश परिवहन (Madhya Pradesh Transport) अधिकारी संगठन के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह रघुवंशी ने  परिवहन आयुक्त, ग्वालियर, मध्य प्रदेश (Transport Commissioner, Gwalior, Madhya Pradesh) को पत्र लिखा है और परिवहन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कोरोना योद्धा घोषित करने की मांग की है।वही चेतावनी देते हुए लिखा है कि पूर्व में भी विभाग द्वारा इस सम्मान के लिए ज्ञापन प्रेषित किया था पर इस पर कोई विचार नही किया जा रहा। यदि 24 घंटे में इस संबंध में कोई निर्णय नही हुआ तो संगठन अधिक कठोर निर्णय लेने पर विवश होगा ।

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जितेन्द्र सिंह रघुवंशी ने लिखा है कि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी दिन रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं कि शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन कर रहे हैं ।परिवहन विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी वर्तमान में कोविड 19 से संक्रमित हो चुके हैं और इस महामारी से कई कर्तव्यनिष्ठ, नवाचारी, मेहनती और विभाग हितेषी का परिवहन परिवार के सदस्यों को खो दिया है। विभाग ने पूरे कोरोनकाल में शासन के वित्तीय वर्ष के राजस्व लक्ष्य की पूर्ति शत प्रतिशत से भी अधिक की हैं, वही वतर्मान में ऑक्सीजन के परिवहन में दिन रात जी जान से जुटे हैं, परंतु विभाग के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के योगदान को सराहा नही जा रहा ।

जितेन्द्र सिंह रघुवंशी ने आगे लिखा है कि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के योगदान को उनके दिन प्रतिदिन के कार्य जैसे ही देखा जा रहा है।आज विभाग के किसी भी कर्मचारी या अधिकारी के संक्रमित होने पर जो असुविधा परिवहन परिवार के सदस्य एवं उनकी परिवार को हो रही है उस ओर कोई ध्यान नही दे रहा। वास्तविकता ये है कि विभाग को बस यही सोच कर छोड़ दिया जाता है कि ये परिवहन विभाग के लोग है इन्हें किसी चीज़ की जरूरत नही , उच्च स्तर पर भी विभाग के कार्यो को कोई प्रशंसा नही मिलती ।

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जितेन्द्र सिंह रघुवंशी ने आगे लिखा है कि क्या ये प्रश्न सही नही है कि कोरोना काल मे पुलिस, प्रशासन, नगर निगम और पालिका के कर्मचारियों को फ्रंट लाइन वॉरियर बनाया पर प्रदेश की सीमा एवं जिलो से लाखों मजदूरों , एवं प्रवासियो को उनके घर तक पहुचाने में विभाग के योगदान को न सिर्फ नकार दिया बल्कि किसी भी प्रकार से कोरोना योद्धा घोषित नही कराया जा सका । क्या ये विभाग की कार्य क्षमता पर प्रश्न चिह्न नही है ।किसी भी दिवंगत पुलिस, प्रशासन, नगर निगम और पालिका के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ससम्मान श्रद्धांजलि दी जाती है पर विभाग के लिये ये नही है ? विभाग के किसी भी दिवंगत के लिए केवल ” ॐ शांति ” लिखने से कुछ नही होगा, क्योंकि एक ॐ शांति औरों के लिए एक शब्द होगा पर उस परिवार के लिए वो सब कुछ था ।