Gwalior News : पुलिस ने शातिर सटोरिया पकड़ा, मिला लाखों का हिसाब

Atul Saxena
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Gwalior News : ग्वालियर पुलिस के क्राइम ब्रांच थाने और बिलौआ थाने की टीम ने संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुए एक शातिर सटोरिये को सट्टा पर्ची डायरी सहित पकड़ा है, आरोपी सटोरिया लोगों को 1 रुपये के बदले 80 रुपये देने का लालच देकर सट्टा खिला रहा था , सटोरिये के पास से मिली डायरी में पुलिस को लाखों रुपये का हिसाब मिला है।

ग्वालियर पुलिस अधीक्षक राजेश चंदेल को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि थाना बिलौआ क्षेत्रान्तर्गत ग्राम नागौर में आटा चक्की के सामने एक व्यक्ति एक रुपये के बदले 80 रुपये का प्रलोभन देकर गाँव के लोगों से सट्टा पर्ची ले रहा है।  सूचना मिलने के बाद उन्होंने एडिशनल एसपी ग्रामीण जयराज कुबेर को क्राइम ब्रांच थाने और बिलौआ  थाने की संयुक्त टीम बनाकर उक्त सूचना की तस्दीक कर कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के परिपालन में डीएसपी क्राइम (द्वितीय) संदीप मालवीय एंव एसडीओपी डबरा विवेक कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में पुलिस की संयुक्त टीम को मुखबिर के बताये स्थान ग्राम नागौर में आटा चक्की के सामने कार्यवाही हेतु भेजा गया। पुलिस टीम द्वारा मुखबिर के बताये स्थान पर जाकर देखा तो वहां आटा चक्की के सामने लाइट के उजाले में तीन चार व्यक्ति एक व्यक्ति को सट्टा पर्ची दे रहे थे।

पुलिस टीम को देखते ही वहां भगदड़ मच गई लेकिन पुलिस टीम ने सट्टा पर्ची लेने वाले को घेराबंदी कर पकड़ लिया। पकड़े  गये व्यक्ति के पास से पुलिस को 6200/- रुपये नगद, 01 मोबाइल व एक सट्टा पर्ची डायरी मिली जिसमें लाखो रुपये का हिसाब किताब मिला।

पकडे गये सटोरिये से सट्टा पर्ची के संबंध में पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह ग्राम नागोर का ही रहने वाला है वह ग्राम तुरारी व अडूपुरा के रहने वाले अन्य 02 लोगों के कहने पर ही सट्टा पर्ची लेकर उन दोनों को पैसा और सट्टा पर्ची देता है । वह दोनों मुझे कमीशन के रूप में पैसा देते है, पुलिस ने  सटोरियें से पास से मिले रुपये, मोबाइल और सट्टा पर्ची डायरी को जब्त  कर सटोरिये के खिलाफ थाना बिलौआ में धारा 4(क) पब्लिक गेम्बलिंग एक्ट का प्रकरण व सट्टा पर्ची लेने वाले अन्य दो सटोरियों के खिलाफ धारा 4(क) पब्लिक गेम्बलिंग एक्ट एंव 109 भादवि का प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 


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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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