जीते तो हमारी मेहनत, हारे तो भितरघातियों ने किया षड्यंत्र

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ग्वालियर । इस बार के विधानसभा चुनावों में भितरघातियों ने सबका ध्यान आकर्षित किया । यही वजह रही कि उन्हें मीडिया में भी बहुत जगह मिली। लेकिन अब नतीजे आने के बाद ऐसे भितरघातियों की तलाश कर उनका दंड डिसाइड किया जाएगा। 

विधानसभा चुनावों में किसने पार्टी और उम्मीदवार के लिए काम किया और किसने भितरघात किया, संगठन अब ऐसे नेताओं का हिसाब किताब तैयार कर रहा है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने  ग्वालियर में बड़े पैमाने पर भितरघात की शिकायत वरिष्ठ नेतृत्व से की थी लेकिन मतदान से पहले वक्त की नजाकत को देखते हुए किसी भी पार्टी ने भितरघातियों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया। लेकिन अब माना जा रहा है कि रिजल्ट आने के बाद पार्टी भितरघातियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर चुकी है। 

ग्वालियर जिले की ग्वालियर दक्षिण विधानसभा से सबसे अधिक शिकायते वरिष्ठ नेताओं तक पहुंची । यहाँ भाजपा से बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतरी पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता के चुनाव लड़ने से कई भाजपा नेताओं की निष्ठा पर सवाल उठे तो कुछ घर बैठ गए तो भाजपा प्रत्याशी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने वरिष्ठ नेतृत्व को बहुत से नेताओं की शिकायत की है। जबकि कांग्रेस में पचौरी गुट के प्रवीण पाठक को टिकट दिए जाने के बाद टिकट के दावेदार ब्राह्मण नेताओं की नाराजगी अंत तक दूर नहीं हुई।  प्रवीण ने भी संगठन से बहुत से नेताओं की शिकायत की। इसके अलावा ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में भी दोनों दलों की तरफ से शिकायतें हुईं । यहाँ से भाजपा प्रत्याशी सतीश सिकरवार ने पार्टी की बैठक में शिकायत की थी कि बहुत से नेता उनके लिए काम नहीं कर रहे।  वही कांग्रेस प्रत्याशी मुन्नालाल गोयल ने भी पार्टी नेतृत्व को भितरघातियों की शिकायत की थी।  इस सीट पर भी टिकट कटने वालों पर भितरघात के आरोप लगे।  अब कल नतीजे आने के बाद ये तय हो जायेगा कि भितरघातियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाये। यदि चुनाव जीते तो हमारी मेहनत और यदि हारे तो भितरघातियों का षड्यंत्र।