खबर का असर: अब अन्न को नहीं तरसेगा गरीब, ऐसे मिलेगा राशन

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

सरकार द्वारा गरीबों को मुफ्त राशन दिये जाने के बाद जिले की शासकीय उचित मूल्य की दुकानों पर भीड़ लगना शुरू हो गई थी लेकिन दुकानों से पात्र हितग्रहियों को राशन दिया जा रहा था जिससे व्यवस्था गड़बड़ा गई थी। लोगों में भ्रम की स्थिति थी । जिसकी खबर एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ ने प्रमुखता से अपने पाठकों तक पहुंचाई थी। खबर के बाद जिला प्रशासन ने व्यवस्था में सुधार किया है । जिससे सभी जरूरतमंद को राशन (गेहूं/आटा) मिल सकेगा।

लॉक डाउन के बाद गरीब परिवारों की स्थिति का अनुमान लगाते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गरीबों को तीन महीने का मुफ्त राशन दिये जाने की घोषणा की। घोषणा के बाद गरीब और बेसहारा लोग शासकीय उचित मूल्य की दुकानों की तरफ दौड़ पड़े। नतीजा ये हुआ कि दुकानों पर भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। दुकानदार लोगों को ये कहकर लौटने लगे कि केवल बीपीएल कार्ड धारी परिवारों को गेहूं मिलेगा बाकियों को नहीं। लोग हंगामा करने लगे। व्यवस्था गड़बड़ा गई। गरीबों की परेशानी देख ग्वालियर दक्षिण विधानसभा के कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने क्षेत्र का जायजा लिया और आरोप लगाए कि गरीबों को राशन नहीं मिल रहा और दुकानदार कालाबाजारी कर रहे हैं। एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ ने इस खबर को प्रमुखता से अपने पाठकों तक पहुंचाया। जिसका असर प्रशासन पर हुआ और जिसके बाद जिला आपूर्ति नियंत्रक ने एक आदेश निकाल कर राशन वितरण की नई व्यवस्था के निर्देश दिया हैं।

आदेश में कहा गया कि जो अपने घर से दूर है अथवा बेसहारा या बेघर हैं उनके भोजन के लिए गेहूं अथवा आटे को उपलब्ध कराने के लिए दो तरह की वितरण व्यवस्था की गई है। इसमें तीन दिन खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले परिवारों को शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से राशन दिया जायेगा जबकि तीन दिन बेघर, बेसहारा लोगो को दिया जायेगा। नई व्यवस्था के तहत सोमवार, मंगलवार और बुधवार को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत पात्र बीपीएल परिवारों को गेहूं मिलेगा जबकि गुरुवार को ग्वालियर पूर्व एवं भितरवार विधानसभा, शुक्रवार को ग्वालियर एवं डबरा विधानसभा और शनिवार को ग्वालियर दक्षिण एवं ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा में गरीब बेघर, बेसहारा लोगों को आटा वितरित किया जायेगा। जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में जनपद पंचायतों को एक मुश्त राशन उपलब्ध कराया गया है। क्षेत्र के SDM के निर्देशन में जनपद पंचायत के CEO पात्र परिवारों को चिंहित कर शासकीय उचित मुख्य की दुकानों से राशन वितरित करवाएंगे जबकि नगर निगम सीमा की दुकानों पर 23433 जरूरतमंद परिवारों के लिए 10किलो आटे के पैकेट प्रति परिवार के हिसाब से उपलब्ध कराये गए हैं। इनका वितरण जन प्रतिनिधियों, निगरानी समिति के अध्यक्ष अथवा सदस्य की मौजूदगी में होगा।आदेश में ये भी कहा गया है कि शासकीय उचित मूल्य की दुकानों पर राशन का वितरण इंसीडेंट कमांडर के नियंत्रण में किया जायेगा।

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