तलघर्रों में पार्किंग को लेकर नगर निगम और पुलिस आमने सामने

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

शहर की अस्तव्यस्त पार्किंग को व्यवस्थित करने के लिए हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने तलघरों को खाली करा दिया है। लेकिन उसमें पार्किंग अभी भी नहीं हो रही है। वाहन सड़कों पर ही खड़े हो रहे हैं। जब नगर निगम से इस विषय में सवाल किया गया तो उसने ये जिम्मेदारी पुलिस पर डाल दी। उधर पुलिस का कहना है कि हमारा काम सुरक्षा देना है पार्किंग की जिम्मेदारी नगर निगम की है।

दरअसल ग्वालियर शहर में तेजी से बढ़ती वाहनों की संख्या और उसके अनुपात में पार्किंग की सुविधा नहीं होने के कारण हाईकोर्ट ने शहर के तलघरों की सूची मांगकर नगर निगम से वहाँ पार्किंग की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। लंबे समय से चल रही इस प्रक्रिया में नगर निगम ने 934 तलघरों कि सूची कोर्ट को सौंपी और फिर कोर्ट के आदेश के पालन में इसमें चल रहीं व्यवसायिक गतिविधियां बंद कराई। नगर निगम के सिटी प्लानर प्रदीप वर्मा के मुताबिक लगभग 700 तलघरों को खाली करा लिया गया है।

तलघर खाली लेकिन वाहन सड़क पर

अब सवाल ये उठता है कि जब नगर निगम ने तलघरों को खाली करा लिया है तो उसमें पार्किंग क्यों नहीं हो रही? इस सवाल के जवाब में नगर निगम आयुक्त के कहना है कि पुलिस यदि सड़क पर पार्किंग नहीं होने दे तो लोग तलघरों में ही गाड़िया पार्क करेंगे।

उधर निगम आयुक्त के इस बयान पर एडिशनल एसपी ट्रैफ़िक पंकज पांडे ने टिप्पणी की है। उनका कहना है कि हमने सूबेदार सहित 10 पुलिस कर्मी नगर निगम की तलघरों पर कार्रवाई करने वाली टीम की सुरक्षा के लिए दिया हैं। इस विषय में एसपी नवनीत भसीन और निगम आयुक्त को भी पत्र लिखा है। हमारा काम सुरक्षा देना है तलघरों में पार्किंग नगर निगम की जिम्मेदारी है और यदि तलघरों में पार्किंग नहीं होगी तो निगम एक्ट के तहत ही कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि अवैध वाहन पार्किंग के। खिलाफ तो हमारी टीम नियमित कार्रवाई करती ही है। बहरहाल अब जब हाईकोर्ट कि सख्ती के बाद तलघर खाली हो गए हैं तो नगर निगम अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है और सड़कों पर अस्तव्यस्त पार्किंग के कारण लगने वाला जाम जारी है।