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ग्वालियर। केन्द्रीय मंत्री एवं मुरैना सीट से जीत निश्चित कर चुके नरेन्द्र सिंह तोमर ने भाजपा की इकतरफा जीत के लिए धन्यवाद दिया है। ग्वालियर में पत्रकारों से बात करते हुए श्री तोमर ने सिंधिया और दिग्विजय का नाम लिए बिना कहा कि जो लोग झूठ की बैसाखी पर चल रहे थे जनता ने उन्हें धराशाई कर दिया। कमलनाथ को उनकी कही बात  याद दिलाते हुए श्री तोमर ने उनसे इस्तीफे की मांग की।

ग्वालियर में पार्टी प्रत्याशी विवेक शेजवलकर के साथ जीत की ख़ुशी सेलिब्रेट करने पहुंचे श्री तोमर ने कहा कि विपक्ष के नेताओं ने कई बार चुनाव को संकीर्णता के दायरे में पहुँचाने की कोशिश की लेकिन जनता ने मोदीजी पर एक बार फिर भरोसा कर विपक्ष को करारा जवाब दिया है मैं इसके लिए देश और प्रदेश की जनता को बधाई देता हूँ। उन्होंने कहा कि ये मोदी जिनके कृतित्व और व्यक्तित्व की जीत है। झूठ बोलने वाले कांग्रेस नेताओं को जनता ने सबक सिखाया है। उन्होंने कहा कि ये हार जीत का चुनाव नहीं था बल्कि जनता देश के नव निर्माण के लिए खुद अपना दायित्व निभा रही थी।

 केन्द्रीय मंत्री ने मध्यप्रदेश में राजा महाराजा की हार के सवाल पर दिग्विजय सिंह  और ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम लिए बिना तंज कसा कि राजनीति में सवाल कैरेक्टर का होता है और जो कैरेक्टर झूठ की बैसाखी चल रहा था उसे जनता ने धराशाई कर दिया। चाहे वो चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुआ हो या सामंतशाही प्रवृत्ति का हो ,चाहे कोई और। राहुल द्वारा हार को स्वीकार नहीं करने के सवाल पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि ये गांधी खानदान का इतिहास रहा है कि वो खुद को बचाकर रखना चाहते है और जवाबदारी के लिए दूसरे का कन्धा तलाशते हैं। श्री तोमर ने EVM पर सवाल उठाने वाले कांग्रेस नेताओं पर हमला बोलते हुए कहा कि यदि EVM पर संदेह जताना है तो पहले मध्यप्रदेश,छत्तीसगढ़, राजस्थान और कर्नाटक की सरकार से इस्तीफा दे फिर EVM की बात करें उन्होंने कहा कि कांग्रेस हार का ठीकरा EVM पर फोड़ना चाहती है इसलिए इस तरह की बात कर रही है। श्री तोमर ने इसे राहुल गांधी, कांग्रेस, झूठ बोलने वालों की,प्रलोभन देकर जनता को गुमराह करने वालीं, गैर क़ानूनी काम करने वाले और अपराधी प्रवत्ति वालों की हार बताया। मध्यप्रदेश के राजनैतिक भविष्य की बात करते हुए श्री तोमर ने कहा कि कमलनाथ जी ने कहा था कि यदि लोकसभा में हमारी सीटें नहीं आई तो विचार करेंगे तो अब उन्हें विचार करना चाहिए और इस्तीफा दे देना चाहिए। क्योंकि जनता ने उनकी पार्टी को पूरी तरह नकार दिया है।