कांग्रेस प्रत्याशी

ग्वालियर, अतुल सक्सेना

भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता ग्रहण समारोह का कोरोना काल का हवाला देते हुए तीनों दिन तक विरोध करने वाली कांग्रेस भी अब उसी राह पर चल पड़ी है। कांग्रेस ने भी महा सदस्यता अभियान की घोषणा की है। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में बुधवार 26 अगस्त को कांग्रेस महा सदस्यता अभियान चलायेगी जिसमें हजारों नागरिकों के कांग्रेस में शामिल होने का दावा किया गया है।

शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डाॅ. देवेन्द्र शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार 26 अगस्त को सुबह 11 बजे मेला परिसर स्थित कन्वेंशन हॉल में कांग्रेस का महा सदस्यता अभियान प्रारंभ होगा। सदस्यता अभियान में मुख्य रूप से मप्र विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एनपी प्रजापति, मप्र शासन के पूर्व सामान्य प्रषासन मंत्री डाॅ. गोविंद सिंह, पूर्व लोकनिर्माण मंत्री संज्जन सिंह वर्मा, पूर्व पशुपालन मंत्री लाखन सिंह, पूर्व नगरीय निकाय मंत्री जयवर्धन सिंह, पूर्व उर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह, विधायक केपी सिंह, बाबू जंडेल, बैजनाथ कुशवाह, गोपाल सिंह चैहान, घनश्याम सिंह, प्रवीण पाठक, मप्र कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अशोक सिंह के नेतृत्व में हजारों नागरिक कांग्रेस की सदस्यता लेकर संकल्प लेंगे कि कांग्रेस के रहेंगे संग, भाजपा से करेंगे जंग।

कांग्रेस के महा सदस्यता अभियान की सूचना के बाद ये शहर में चर्चा का विषय बन गई है। राजनीति में रुचि रखने वाले लोगों और शहर के लोगों का कहना है कि ये तो थूक कर चाटने वाली बात हो गई। जो कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता ग्रहण समारोह का ये कहकर विरोध कर रही थी कि भीड़ जुटने से कोरोना की गाइड लाइन का उल्लंघन हो रहा है शहर के लोगों की जान को खतरा हो रह है। वहीं कांग्रेस भाजपा के कार्यक्रम के एक दिन बाद ही वही काम करने जा रही है जो कांग्रेस कोरोना गाइड लाइन के उल्लंघन का दोषी मानते हुए एसपी और कलेक्टर पर FIR की मांग कर रही है, शिकायती आवेदन दे रही है वही अब कार्यक्रम करना चाहती है। क्या कांग्रेस के कार्यक्रम में जुटने वाली भीड़ से कोरोना का खतरा नहीं होगा?

मंगलवार को ही कांग्रेस ने किया है भाजपा के आयोजन स्थलों का शुद्धिकरण

एक खास बात और है, भाजपा ने तीन दिनों तक जिन स्थानों पर कार्यक्रम किये उन सभी स्थानों का मंगलवार को कांग्रेस ने गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण किया। मेला परिसर का कन्वेंशन हॉल भी उसी स्थान में से एक है जहाँ तीन दिनों तक भाजपा का सदस्यता ग्रहण समारोह चला। लोगों का कहना है जनता को कोरोना के खतरे में यदि भाजपा ने पाप किये जिसे कांग्रेस ने गंगाजल से धोया तो फिर कांग्रेस वहीं पाप करने क्यों जा रही है। मतलब साफ है ना भाजपा ना कांग्रेस किसी को जनता की नहीं पड़ी, सभी पार्टियां अपनी अपनी राजनैतिक रोटियां सेकने में लगी हैं जनता को परेशानी होती है तो होती रहे।