पवैया ने अयोध्या में सौंपा जल और माटी कलश, 5 को शहर में मनेगी दीवाली, मंदिरों में आयोजन

ग्वालियर,अतुल सक्सेना

अयोध्या में बनने जा रहे भव्य राम मंदिर के भूमि पूजन में चंबल नदी का पवित्र जल और प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ शक्ति पीठ दतिया की पावन माटी भी शामिल होगी। जल और माटी का कलश लेकर पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया अयोध्या जी पहुँचे हैं और उन्होंने जल कलश और माटी कलश ट्रस्ट को सौंप दिया है। उधर 5 अगस्त को होने वाले राम मंदिर के भूमि पूजन को लेकर शहर में बहुत उत्साह है। भाजपा ने पूरे शहरवासियों से ये दिन दीवाली की तरह मनाने की अपील की है, वहीं शहर के प्रसिद्ध मंदिरों ने भूमि पूजन के समय धार्मिक आयोजन करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

राम मंदिर आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले बजरंग दल के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रखर हिंदू वादी नेता, वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया राम मंदिर भूमि पूजन समारोह में शामिल होंगे उन्हें ट्रस्ट की तरफ से बुलावा आया है। पूर्व मंत्री पवैया को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अध्यक्ष पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज ने इस मंगल अवसर पर 4 से 6 अगस्त तक अयोध्या जी रहने का आदेश दिया है। पवैया इसे सौभाग्य की बात मानते हैं कि श्रीराम के भव्य मंदिर की बुनियाद में ग्वालियर चंबल संभाग के लोगों की भावनाएं शामिल हो रही है। पवैया चंबल का जल कलश और माँ पीतांबरा पीठ की पवित्र माटी लेकर अयोध्या पहुँच गए हैं। उन्होंने जल कलश और माटी कलश श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अध्यक्ष पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास महाराज को सौंप दिये हैं। पवैया 6 अगस्त तक अयोध्या जी में ही रहेंगे और भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे।

दीवाली की तरह शहर में होगी रोशनी, मंदिरों में होंगे आयोजन

5 अगस्त को अयोध्या जी में होने जा रहे श्री राम मंदिर के भूमि पूजन का उत्साह पूरे देश में इस समय चरम पर है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम में आस्था रखने वाला एक एक नागरिक बहुत उत्साहित है। ग्वालियर में भी उत्साह का माहौल है। भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष कमल माखीजानी ने शहर के लोगों से अपील की है कि जब श्री राम लंका विजय के बाद अयोध्या जी लौटे थे तो दीवाली मनी थी उसी तरह हमें 5 सितंबर को दीवाली मनानी है। अपने अपने घरों को रोशनी से सजायें। उधर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अपनी विधानसभा के तीनों मंडलों के अध्यक्ष के साथ तय किया है कि वे अपने अपने क्षेत्र के चौराहों पर पांच पांच दीपक जायेंगे और लोगों से घरों पर रोशनी की अपील करेंगे।

इन राजनैतिक तैयारियों के बीच शहर के मंदिर भी आयोजन को लेकर उत्साहित है। शहर के प्रसिद्ध अचलेश्वर मंदिर को दीपमालाओं से सजाया जायेगा, ढोल नगाड़ों के साथ आरती होगी, आतिशबाजी होगी वहीं मंदिर परिसर में विराजे भगवान विष्णु का विशेष श्रृंगार किया जायेगा। दौलतगंज स्थित नाग मंदिर में रुद्र मंडल देसी घी के 1100 दीपक जलाकर आरती करेगा, आतिशबाजी होगी और मास्क वितरण होगा। बहोड़ापुर स्थित प्रसिद्ध बालाजी धाम मंदिर पर 11000 दीपक जलाये जायेंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने राम मंदिर के भूमि पूजन के चलते प्रदेश के मंदिरों में 4 और 5 सितंबर को दीप प्रज्ज्वलन और धार्मिक आयोजनों की अनुमति कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए दी है। जिसके बाद ग्वालियर जिले के सभी 865 शासकीय मंदिरों में भी इस तरह के आयोजन हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि वे 6 अगस्त तक अयोध्या जी में रहेंगे और जो सेवा कार्य मिलेंगा करेंगे क्योंकि मेरे जीवन के लिए ये सबसे बड़े सौभाग्य की बात है।