ग्वालियर में स्पेशल पुलिस स्क्वॉड का गठन, कोरोना से लड़ने के लिये मुस्तैद

ग्वालियर/अतुल सक्सेना

कोरोना से बचाव के लिये सबसे कारगर तरीका है सोशल डिस्टेंसिंग, इसीलिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की है। लेकिन कोरोना वायरस से संक्रमित या संदिग्ध मरीज़ों को अस्पताल पहुंचाना ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती है। अगर उन्हें नार्मल एंबुलेंस में अस्पताल लाया जाए तो फिर पहले उस एंबुलेंस या वाहन को सैनेटाइज़ करना होगा, तभी उसे अन्य उपयोग में लिया जा सकता है। इसी के साथ जो लोग उन्हें लेकर जाते हैं उनके संक्रमित होने का खतरा भी बना रहता है।

इस समस्या से निपटने के लिये अब ग्वालियर में स्पॉट से अस्पताल तक मरीज़ को लाने के लिये पुलिस का एक स्पेशल स्क्वॉड बनाया गया है। इस स्क्वॉड में 12 सदस्य होंगे। जब भी कहीं किसी मरीज़ या संदिग्ध के होने की सूचना मिलेगी, ये टीम उसकी मदद के लिये उस स्थान तक पहुंचेगी जहां वो है। फिर ये टीम उस व्यक्ति को अस्पताल तक लेकर जाएगी। इस टीम के सदस्यों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिये एक स्पेशल सूट मुहैया कराया गया है। ये ड्रेस हैदराबाद से बनकर आई है। ये ड्रेस एल्यूमीनियम व विशेष कपड़े से बनी है और इसकी कीमत लगभग 15 से 20 हजार के बीच है। इस ड्रेस को पहनने के अलावा टीम सदस्य मास्क और सैनिटाइजर से लैस होकर ही काम पर निकलेंगे। इस टीम को आराम करने के लिये मेला ग्राउंड परिसर में 12 बेड का एक दफ्तर भी बनाया गया है जो पूरी तरह सैनिटाइज है।

दरअसल आम लोगों को स्वास्थ्य विभाग या अस्पतालों में फोन करने की बजाय अक्सर 100 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना देना आसान लगता है। यही कारण है कि पिछले कुछ समय से पुलिस कंट्रोल रूम में कोरोना संदिग्धों को लेकर कई फोन आ रहे थे। ऐसे में त्वरित सहायता मुहैया कराने के लिये पुलिस

विभाग के अमले को स्वास्थ्य विभाग या नगर निगम कर्मचारियों से पहले पहुंचना पड़ता है। इसीलिये पुलिस कप्तान नवनीत भसीन ने इस स्पेशल पुलिस रेस्क्यू टीम का गठन किया है। इस टीम को विशेष रूप से कोरोना संदिग्ध मरीज को हैंडल करने, उसे आइसोलेटेड करने, अस्पताल पहुंचाने या अन्य प्रकार से मदद करने के लिये प्रशिक्षित किया गया है।