अस्पताल छोड़कर भाग रहे संदिग्ध, पकड़ने के लिए करनी पड़ रही मशक्कत

ग्वालियर@अतुल सक्सेना| कोरोना महामारी के इलाज के लिए ग्वालियर चंबल संभाग के जिलों की नजर ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल पर टिकी हैं। अंचल के किसी भी जिले के संदिग्ध या मरीज को ग्वालियर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती किया जाता है लेकिन अब दूसरे जिलों से आ रहे संदिग्ध अस्पताल से भाग रहे हैं जिन्हें पकड़ने के लिए प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।

प्रशासनिक अमले से मिली जानकारी के अनुसार शिवपुरी निवासी ब्रजेश रजक को पिछले दिनों संदिग्ध मानते हैं जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन वो अचानक अस्पताल से भाग कर शिवपुरी पहुँच गया। अस्पताल प्रशासन को जैसे ही जानकारी मिली उसने जिला प्रशासन की मदद से शिवपुरी जिला प्रशासन को सूचना दी जिसके बाद शिवपुरी स्वास्थ्य विभाग की टीम ब्रजेशके घर पहुंची और परिवार के 6 लोगो को ग्वालियर लाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। हालांकि ब्रजेश का कहना है कि अभी उसका सेम्पल तक नही लिया। गौरतलब है ब्रजेश मुरैना में हुई तेरहवी की कांटेक्ट हिस्ट्री में है इसलिए उस एहतिहात के तौर पर क्वारेंटाईन किया गया है।

शिवपुरी के संदिग्ध के अलावा भिंड का एक बुजुर्ग कोरोना संदिग्ध ग्वालियर अस्पताल से भाग गया मरीज के गायब होते ही चिकित्सालय के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ग्वालियर प्रशासन ने संदिग्ध के भागने की सूचना भिंड प्रशासन को दी जिसे बाद संदिग्ध वकील प्रसाद उम्र 60 वर्ष भिण्ड पुलिस ने पकड़कर इलाज के लिए ग्वालियर भेज दिया। संदिग्ध को रौन थाना क्षेत्र के देवजु का पुरा गांव से पुलिस व डॉक्टरों की टीम ने पकड़ा। बताया जा रहा है कि संदिग्ध वकील प्रसाद ग्वालियर से रिश्तेदार राजाराम निवासी बंथरी एवं दामाद देवेंद्र दोहरे निवासी जमुहा थाना लहार के सहयोग से एंबुलेंस नंबर MP 30 C 6935 के माध्यम से जयारोग्य चिकित्सालय से बगैर कोई सूचना दिए गायब हो गया था । पुलिस अब एम्बुलेंस चालक व रिश्तेदारों के विरुद्ध कार्रवाई करेगी साथ ही संदिग्ध मरीज के संपर्क में आए परिजनों को आइसोलेशन के लिए भेजा जाएगा।

अस्पताल छोड़कर भाग रहे संदिग्ध, पकड़ने के लिए करनी पड़ रही मशक्कत