गंजबासौदा हादसे के बाद जागा इटारसी प्रशासन, शहर के सभी कुओं का किया निरिक्षण

गंजबासौदा में हुए हादसे के बाद आज प्रशासन जागा और नागपलिका सीएमओ हेमेश्वरी पटले ने शहर के आधा दर्जन कुओं का निरीक्षण किया। और अधिकारियो को उचित निर्देश दिए है।

इटारसी, राहुल अग्रवाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) से 120 किलोमीटर दूर विदिशा जिले के गंजबासौदा (Ganjbasoda) में गुरुवार शाम को बड़ा हादसा हो गया था। यहाँ लाल पठार गांव में कुएं में लड़के के गिरने के बाद उसे निकालने पहुंचे लोगों की भीड़ की वजह से कुआं धंस गया। जिसके चलते करीब 30 से ज्यादा लोग अंदर जा गिरे। रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है। पर सवाल है कि ऐसे कितने कुए है जो क्षतिग्रस्त हो चुके है। वहीं हम इटारसी (Itarsi) की बात करे तो यहाँ लगभग 1 दर्जन से अधिक पुराने कुएं है। जिसमें से कुछ अभी भी लोगो की प्यास बुझा रहे हैं।

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शहर के बाजार क्षेत्र का भोला मोती कुआं भी शहर का सबसे पुराना कुआं है। लगभग 80 साल से भी ज्यादा पुराने इस कुएं ने बरसो तक उस पूरे क्षेत्र का जलस्तर बनाये रखा पर अब आलम यह है कि यह कुआं कचरा घर मे तब्दील हो चुका है। काफी पुराना और बहुत ही गहरा होने के बाद भी आज तक यह खुला हुआ है। इसमें कई हादसे भी हो चुके है। कई लोग गिरकर गंभीर घायल भी हुए पर आज तक प्रशासन की ओर से इस गंभीर मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बातादें कि पांच साल पहले यहाँ हुए हादसे के बाद जाली लगाने का काम शुरू हुआ ढांचा बन गया पर पूरी तरह इसे बंद नही किया गया।

गंजबासौदा में हुए हादसे के बाद आज प्रशासन जागा और नागपलिका सीएमओ हेमेश्वरी पटले ने शहर के आधा दर्जन कुओं का निरीक्षण किया। और अधिकारियो को उचित निर्देश दिए है। पटले ने बताया कि विदिशा जैसा हादसा फिर न हो इसके किये इन कुओं को बंद करके वाटर हार्वेस्टिंग के उपयोग में लाया जाएगा ताकि इससे क्षेत्र का जलस्तर बना रहे।

गंजबासौदा हादसे के बाद जागा इटारसी प्रशासन, शहर के सभी कुओं का किया निरिक्षणगंजबासौदा हादसे के बाद जागा इटारसी प्रशासन, शहर के सभी कुओं का किया निरिक्षण

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