इटारसी में ब्लैक फंगस का पहला मामला आया सामने, संक्रमण ने छीनी मरीज की एक आंख की रोशनी

इटारसी में ब्लैक फंगस का पहला मामला सामने आया है जिसमें कोरोना से स्वस्थ होने के बाद मरीज की आंख की रोशनी चली गई है।

इटारसी, राहुल अग्रवाल। मप्र (MP) में कोरोना (Corona) महामारी के म्यूकरमायकोसिस यानि ब्लैक फंगस (Black fungus) ने भी लोगों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है। कोरोना से धीरे-धीरे अब स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या में अच्छा इजाफा हो रहा है। लेकिन कोरोना संक्रमण से उबरने के बाद मरीजों को नई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब तक करीब 50 लोग इसकी चपेट में आ गए है। वही इस संक्रमण ने अब इटारसी (Itarsi) में भी दस्तक देदी है जहां ब्लैक फंगस का पहला मामला सामने आया है जिसमें कोरोना से स्वस्थ होने के बाद मरीज की आंख की रोशनी चली गई है।

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मिली जानकारी के अनुसार इटारसी के प्रताप वर्मा 4 अप्रैल को कोविड पॉजिटिव हुए थे और इलाज के लिए उन्हें नर्मदा अपना अस्पताल में भर्ती किया गया था । उपचार के बाद प्रताप वर्मा कोरोना से ठीक हो गए लेकिन उनकी आँखों मे ब्लैक फंगस आ गया। इंफेक्शन इतना तेजी से बढ़ा की उनकी एक आँख की रोशनी चली गई। अब पीड़ित की हालत बिगड़ती जा रही है। उनकी आँखों का इंफेक्शन बढ़ता जा रहा है। बतादें कि पिछले दिनों प्रताप वर्मा की माँ भी कोरोना से पीड़ित थी और उनकी मौत हो गई थी।

विशेषज्ञों के मुताबिक ब्लैक फंगस इंफेक्शन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मरीजों के इलाज में उपयोग होने वाले स्टेरॉयड के कारण मरीजों का शुगर लेवल बढ़ जाता है, ऐसे हालात में मरीजों को ब्लैक फंगल इन इंफेक्शन होता है यह संक्रमित व्यक्ति के दिमाग तक पहुंच जाता है और यह स्थिति मरीज के लिए घातक हो सकती है कुछ मामलों में मरीजों की एक आंख हमेशा के लिए हटानी पड़ती है।

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होशंगाबाद के नर्मदां अस्पताल संचालक राजेश शर्मा ने बताया कि ब्लैक फंगस एक साधारण तरह के फंगस जैसा ही फंगस है जो कोरोना के पहले भी था, और वातावरण से लेकर सड़े हुए फल-सब्जी में यह पनपता है। यह किसी नॉर्मल इंसान में भी हो सकता है लेकिन बिना हानि पहुंचाए, क्योंकि हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा होती है जिसके कारण साधारण इंसान को यह वायरस नुकसान नहीं पहुंचा सकता , लेकिन कोरोना से ठीक हुए मरीजों की इम्युनिटी कमजोर होती है जिसके कारण वायरस आसानी से उन लोगों को नुकसान पहुंचा सकता है। ब्लैक फंगस हमेशा कान और नाक में पाया जाता है खासकर डायबिटीज के मरीजों को इसका ज्यादा खतरा रहता है या नाक से होकर जबड़े और मस्तिष्क में पहुंच रहा है मरीज को सिर दर्द या गले में खराश हो तो वह तुरंत जांच कराएं और जरूरी दवाइयां ले।