इंदौर| आकाश धोलपुरे| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के स्वास्थ्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) की पहल रंग लाई है और मध्यप्रदेश भी उन राज्यों में शुमार हो गया है जहां कोरोना के गंभीर मरीजों का इलाज प्लाज्मा धैरेपी से किया जा सकेगा । दरअसल प्लाज्मा थेरेपी (Plasma therapy) कोरोना (Corona) पीङितो के लिए काफी कारगर है जो बेहद गंभीर होते हैं और जिनके निरंतर इलाज के बाद भी बचने की संभावना काफी कम होती है। ऐसी स्थिति में उन मरीजों को ठीक हो चुके कोरोना पेशेन्ट के शरीर से प्लाज्मा लेकर चढ़ाया जाता है और इसकी आशातीत परिणाम दिखाई देते हैं ।

यह पद्धति चीन में काफी कारगर साबित हुई है और दिल्ली (Delhi) में भी इसके अच्छे परिणाम मिले हैं। शुक्रवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ हुई बैठक में मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से मांग की थी कि मध्यप्रदेश में श्री अरविंदो मेडिकल कॉलेज इंदौर और महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज इंदौर इस थैरेपी के माध्यम से मरीजों का इलाज करना चाहते हैं जिस पर हर्षवर्धन ने कहा था कि वे केवल भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद को मेल करके यह सूचित कर दें कि वे सभी आवश्यक गाइड लाइनों का पालन करेंगे और उन्हें अपने आपअनुमति मिल जाएगी। इसके बाद मध्य प्रदेश में इंदौर में श्री अरविंदो मेडिकल कॉलेज में रविवार को दो ठीक हो चुके कोरोना पेशेंट्स का प्लाज्मा दो पेशेंट को चढ़ाया गया।

अब 5 दिन के भीतर इन मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में परिणाम देखने को मिलेंगे और परिणाम सकारात्मक रहते हैं तो यह पद्धति मध्यप्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट करके केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन को सूचित किया है कि प्रदेश में आपके निर्देशानुसार इस थेरेपी का शुभारंभ हो गया है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह कोरोना से निपटने में बेहद कारगर साबित होगी।