दिग्गी का दर्द, सन 77 में लोकसभा टिकट मांगा था, पार्टी ने नहीं दिया

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इंदौर| लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस में प्रत्याशी चयन को लेकर कवायद तेज हो गई है| टिकटों के बंटवारे को लेकर स्क्रीनिंग कमेटी की पहली औपचारिक बैठक दिल्ली में हो रही है| बैठक में भाग लेने कि लिए शुक्रवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए।  बताया जा रहा है कि पार्टी जल्द ही उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर सकती है, कई सीटों पर प्रत्याशियों के नाम लगभग तय हो चुके हैं। ,कांग्रेस इस बार प्रदेश की सभी 29 सीटों को जीतने के लक्ष्य को लेकर चल रही है|  प्रदेश की ऐसी सीटों पर भी कांग्रेस का फोकस है जहां 1989 के बाद से कांग्रेस को जीत नहीं मिली| जिसको लेकर बड़े नेताओं को इस बार लोकसभा चुनाव लड़ाने की तैयारी है|  इंदौर या भोपाल से दिग्विजय सिंह के चुनाव लड़ने की चर्चा है|  इस पर दिग्विजय सिंह का कहना है कि पार्टी जहां से कहेगी वहाँ वे चुनाव लड़ लेंगे| वहीं टिकट को लेकर दिग्विजय का दर्द भी सामने आया है| 

इंदौर में मीडिया से चर्चा करते हुए दिग्विजय ने कहा कि 1977 में उन्होंने पार्टी से पहली बार लोकसभा के लिए टिकट माँगा था, लेकिन मुझे टिकट नहीं मिला| इसके बाद से उन्होंने आज तक कभी टिकट की मांग नहीं की| उन्होंने कहा पार्टी अगर समझती है चुनाव लड़ाना तो जहां से पार्टी चाहेगी वे वहाँ से चुनाव लड़ने को तैयार हैं|   वही  दिग्विजय सिंह की पत्नी और पत्रकार अमृता सिंह के चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि वो मीडिया की बिरादरी की हैं, उन्हें वही रहने दो, उन्हें अपनी बिरादरी से मत निकालों| वहीं इंदौर सांसद और लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के बयान कांग्रेस में योग्य व्यक्ति नहीं है, वे योग्य को ही चाबी सौंपेंगी, इस पर दिग्विजय ने कहा कि ऐसा उनका मानना है कि कांग्रेस में योग्य नहीं है, लेकिन वो तो कैलाश विजयवर्गीय को भी योग्य नही मानती।