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इंदौर, आकाश धोलपुरे। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर (indore) में मैकेनिकल इंजीनियरिंग (mechanical engineering) कर चुके एक युवक ने ऐसा मास्क (mask) बनाया है जिसमें कोरोना वायरस (corona virus) और कोई भी फंगल इंफेक्शन (fungal infection) शरीर मे प्रवेश नहीं कर सकता है। ऐसा युवक का दावा है। इस युवक को अपने काम पर इतना विश्वास है कि इस युवक ने बकायदा मास्क की गुणवत्ता की जांच के लिए आवेदन (registeration) किया है।

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पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर जुबैर खान नामक युवक का दावा है कि उसके द्वारा तैयार किये मास्क को पहनने के बाद सिर और मुंह अच्छी तरह ढंके रह सकते है। और कोरोना से बचाव के लिए ये मास्क कारगर साबित हो सकता है।
बता दे कि इंदौर में जहां एक और वैज्ञानिकों द्वारा रोबोट के जरिये कोरोनावायरस को रोकने का प्रयोग किया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर साधारण से दिखने वाले मैकेनिकल इंजीनियर युवक ने एक ऐसा मास्क तैयार किया है जो शत प्रतिशत कोरोना व फंगल इंफेक्शन को रोकने में कारगर साबित हो सकता है।

अनूठा मास्क बनाने वाले जुबैर खान ने बताया कि यह मास्क महज 30 मिनट में तैयार किया जा सकता है और इस मास्क में वायरस को नष्ट करने के लिए अलग – अलग प्रकार के केमिकल्स का यूज किया गया है। मास्क में 2% अल्कोहल प्लस वाटर, डेटॉल प्लस वाटर, नमक प्लस वाटर जैसी घर में आसानी से मिलने वाली वस्तुओं का उपयोग किया है।

वहीं इस अनूठे मास्क में प्लास्टिक शीट, फार्मेट फॉर सर्जरी और केमिकल के साथ दो नलियों का उपयोग किया गया है ताकि शरीर मे ऑक्सीजन अंदर जा सके और कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर भेजा जा सके। जिससे की मास्क पहनने के दौरान सफोकेशन की स्थिति निर्मित न हो।

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मास्क को बनाने वाले मैकेनिकल इंजीनियर जुबैर की मानें तो यह मास्क सबसे ज्यादा उपयोगी उन व्यक्तियों के लिए साबित हो सकता है जो फ्रंट लाइन वॉरियर्स है। डॉक्टर, पुलिसकर्मी, सफाई कर्मचारी सहित अन्य वारियर्स इसका उपयोग आसानी से कर सकते हैं क्योंकि उनको संक्रमण का खतरा निरंतर बना रहता है।

फिलहाल, जुबैर को इस बात का इंतजार है कि उसके इस आविष्कार को जल्द उपयोग में लाने की अनुमति मिल जाये ताकि लोग कोरोना से बच सके।