एनजीओ के नाम पर 100 करोड़ का घोटाला, इन आईएएस को नोटिस जारी

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इंदौर। युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित करती है। समय समय पर विभिन्न एनजीओ को इन योजनाओं का काम टेंडर प्रक्रिया के तहत सौंपा जाता है। लेकिन एनजीओ संचालक अपने लाभ के लिए सरकारी राशि का दुरूपयोग करने से बाज नहीं आते। ऐसा ही मामला दैनिक भास्कर ग्रुप के एनजीओ NICT का सामने आया है। इंदौर और उज्जैन संभाग के 2158 कॉमन सर्विस सेंटर (csc) सेंटर स्थापित करने के नाम पर करीब 100 करोड़ो का घोटाला किया गया है। इसमें कई आईएएस अफसरों की भूमिका भी सामने आई है। जिन्हें इंदौर हाईकोर्ट बेंच ने नोटिस जारी किया है। 

दरअसल, अपराधिक धोखाधड़ी के खिलाफ इंदौर भ्रष्टाचार न्यायालय मे धारा 420, 467, 468, 471, 120 B के अलावा भ्रष्टाचार की धारा के तहत दायर मुकदमे में इंदौर हाईकोर्ट कोर्ट ने वर्तमान मे पदस्थ मध्य प्रदेश सरकार के IAS अफसर प्रमुख सचिव वित्त अनुराग जैन, हरिरंजन राव व मध्यप्रदेश वन विभाग के वरिष्ठ IFS अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव के खिलाफ अपराधिक मुकदमा दर्ज करने के लिए उपरोक्त तीनों आरोपियों को नोटिस जारी किए। 

इसके अलावा मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कार��पोरेशन व उसके अधिकारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने के लिए नोटिस जारी किए। 14 अगस्त को उपरोक्त सभी आरोपियों इंदौर हाईकोर्ट में उपस्थित होना है। इंदौर स्थित दैनिक भास्कर ग्रुप के एन जी ओ NICT के मुकेश हजेला, जितेंद्र चौधरी, महेंद्र गुप्ता, सोनिया हजेला, डॉ भरत अग्रवाल, रवि सांवाला, हिमांशु झंवर सहित कुल 21 आरोपी हैं जिन्होंने सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। इनके खिलाफ मुकदमा प्रदीप मिश्रा और जितेंद्र जैसवाल ने सन 2012 में दायर किया था।