इंदौर।

बीजेपी को पछाड़ महाराष्ट्र में शिवसेना और कांग्रेस के साथ मिल सरकार बनाने वाली एनसीपी की नजर अब मध्यप्रदेश पर है। इसके लिए एनसीपी ने आदिवासियों के सहारे जमीन तलाशना शुरु कर दी है। यही कारण है कि रविवार को टंटया भील की जयंती पर नागपुर के आदिवासी नेता और बिरसा मुंडा ब्रिगेड के संयोजक सतीश पेंदाम के जरिए एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने इंदौर में एक बड़ी सभा की।इस मौके पर शरद पवार ने कहा कि देश के विकास में आदिवासियों का भी बड़ा योगदान है। महानायक टंट्या भील ने अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी। संसद भवन में भी टंट्या भील की प्रतिमा लगाने की मांग की जाएगी। पवार की आदिवासी नेताओं से नजदीकी इस बात का साफ संकेत दे रही है, कि महाराष्ट्र के बाद एनसीपी का फोकस एमपी पर है।

इतना ही नही इस सभा में मुख्यमंत्री कमलनाथ ,वन मंत्री उमंग सिंगार और झाबुआ से विधायक कांतिलाल भूरिया को भी शामिल किया गया।सभा में पवार ने कमलनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि इस दौर में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के आदिवासी की समस्या एक जैसी है, लेकिन खुशी इस बात की है कि आदिवासियों के विकास, शिक्षा और कृषि पर बात करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तैयारी की है।देश का असली मालिक तो आदिवासी है। क्योंकि देश में जंगल को संवारने और समृद्ध करने का काम आदिवासी ही करते आए हैं। कार्यक्रम में आदिवासी अपनी पारम्परिक वेशभूषा में तीर कमान और ढोल मांदल लेकर पहुंचे।

वही सीएम कमलनाथ ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर कई कार्यक्रम प्रदेश में हैं, पर मैंने यहां आना चुना। प्रदेश की पहचान देश-दुनिया में आदिवासी से थी और बिना आदिवासी के विकास के प्रदेश का विकास नहीं हो सकता। आपके कारण ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी। सरकार सबसे ज्यादा प्राथमिकता आदिवासी नौजवानों को देगी। सरकार को आदिवासियों का रक्षक करार करते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस ने चार मंत्री दिए हैं, जिससे आदिवासियों की उन्नति हो सके।आदिवासियों को शिक्षा और रोजगार देने पर जोर देते हुए कहा कि इस प्रदेश में कोई भी आदिवासी बेरोजगार नहीं रहेगा, यह मेरा आप सब से वादा है।