थर्ड जेंडर मामले में परिपालन रिपोर्ट पेश करने मिली मोहलत, अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को

युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को निर्धारित की है।

जबलपुर, संदीप कुमार। जबलपुर हाईकोर्ट (Jabalpur High Court) के मुख्य न्यायाधिश मोहम्मद रफीक तथा जस्टिस व्ही के शुक्ला की युगलपीठ ने आज अहम आदेश में कहा है कि थर्ड जेंडर (third gender) के आधार तथा आईडी कार्ड बनाने के निर्देश दिये थे। इसके अलावा केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिये जाने के निर्देश भी दिये थे। याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से पूर्व में पारित आदेश की परिपालन रिपोर्ट पेश करने समय प्रदान करने का आग्रह किया गया था, हाईकोर्ट जस्टिस मोहम्मद रफीक तथा जस्टिस व्ही के शुक्ला ने आदेश के परिपालन के लिए दो सप्ताह का समय प्रदान किया है।

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दरअसलं इंदौर (Indore) निवासी थर्ड जेंडर नूरी की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि सरकारी फार्म में विकल्प नहीं होने के कारण थर्ड जेंडर को कोई कार्ड जारी नहीं किया जाता है। कोरोना संक्रमण काल में राशन कार्ड नहीं होने के कारण थर्ड जेंडर को पीडीएस योजना के तहत राशन भी नहीं मिला। इसके अलावा उन्हें अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिला, याचिका में कहा गया था कि थर्ड जेंडर को दो श्रेणी के होते है। एक जो बधाई मांगते है और दूसरे जो काम कर अपना जीवन ज्ञापन करते है।

याचिका पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से परिपालन रिपोर्ट पेश करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह किया गया। जिसे स्वीकार करते हुए युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को निर्धारित की है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता शगुफता शन्नों खान ने पैरवी की।

बतादें कि बधाई मांगने वाले को आर्थिक परेशानी नहीं रहती है परंतु जो लोग काम कर अपना जीवन ज्ञापन करते हुए उन्हे कई तरह की परेशानी का सामना करना पडता है। थर्ड जेंडर होने के कारण परिवार उनका त्याग कर देता है और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिलता है। इस संबंध में पूर्व में दायर याचिका का निराकरण करते हुए संबंधित अधिकारियों के समक्ष अभ्यावेदन पेष करने के निर्देष दिये थे। अभ्यावेदन पेष करने के बावजूद भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं किये जाने के कारण उक्त याचिका दायर की गयी है।

याचिका पर पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से बताया गया था कि  थर्ड जेंडर को नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (national food security act) के तहत राशन प्रदान किया जायेगा। याचिकाकर्ता की तरफ से आपत्ति व्यक्त करते हुए युगलपीठ को बताया गया कि थर्ड जेंडर को कोई आईडी कार्ड प्रदान नहीं किया जाता है, इसके अलावा उनके नाम से शासन कार्ड भी नहीं बनाया जाता है।

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