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जबलपुर| भाजपा नेता और अधिवक्ता वीरेंद्र पटेल की गाड़ी चुनाव के लिए अधिग्रहण करना गोरखपुर थाना प्रभारी उमेश तिवारी को महंगा पड़ गया। मंगलवार की देर रात अचानक एसपी निमिष अग्रवाल ने उन्हें लाइन अटैच कर दिया है। जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। 

दरअसल, 27 अप्रैल की शाम को निर्वाचन आयोग के निर्देश पर थाना प्रभारी उमेश तिवारी गाड़ियों का जब अधिग्रहण कर रहे थे तभी वहां से गुजर रही एक कार को पुलिस ने रोक कर अधिग्रहित कर लिया। गाड़ी को रोकने की की खबर जैसे ही भाजपा नेता और अधिवक्ता को लगी तो वो थाने पहुँच गए जहाँ टीआई उमेश तिवारी की भाजपा नेता वीरेंद्र पटेल से बहस हो गई। इधर जैसे ही इसकी जानकारी भाजपा नेताओं को लगी तो प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह सहित सैकड़ों नेता थाने में धरना दे दिया। इस पूरे घटनाक्रम में मंगलवार की देर रात एस पी निमिष अग्रवाल ने थाना प्रभारी को दोषी मानते हुए उन्हें लाइन अटैच कर दिया है। 

माना जा रहा है कि एसपी निमिष अग्रवाल ने भाजपा नेताओं के दवाब में आकर ये कार्यवाही की है। फिलहाल आधी रात को अचानक लाइन अटैच हुए गोरखपुर थाना प्रभारी को लेकर पुलिस अधिकारी का ये कहना है कि उन्होंने भाजपा नेता और अधिवक्ता के साथ बदसलूकी की थी जिसके सीसीटीवी फुटेज सामने आए थे।