जबलपुर: कोरोना पर कांग्रेस विधायक ने सरकार को घेरा, बचाव में उतरे मंत्री

जबलपुर, संदीप कुमार| संस्कराधानी जबलपुर में मार्च माह से जो कोरोना संक्रमण बढ़ा वह वायरस आज इतना ज्यादा फैल गया है कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के हाथ पांव इसे रोकने में नाकाम साबित हो गए है |बावजूद इसके मध्यप्रदेश सरकार के किसी भी मंत्री ने जबलपुर की सुध नही ली| आज जबलपुर में 8400 केस है जबकि 132 मौते हो चुकी है इसके बाद भी राज्य सरकार के किसी भी मंत्री ने जब जबलपुर की सुध नही ली तो कांग्रेस ने भाजपा पर हमला बोलना शुरू कर दिया|

कांग्रेस विधायक संजय यादव ने घेरा भाजपा सरकार को
इंदौर,भोपाल के बाद अब दिन- प्रतिदिन जबलपुर की हालत भी खराब हो रही है जबलपुर में रोजाना 200 से ज्यादा पॉजिटिव केस आ रहे है पर मेडिकल व्यवस्था न के बराबर है | जिसको लेकर कांग्रेस विधायक संजय यादव ने सरकार पर तंज कसा है। संजय यादव ने कहा कि जब विधानसभा में उन्होंने कोरोना को लेकर जबलपुर की उपेक्षा का मुद्दा उठाया गया तब प्रदेश सरकार जागी और मंत्री को यहां भेजा लेकिन अब बहुुुुत देर हो चुकी है।पिछले छह माह में शासन प्रशासन ने जबलपुर की कोई सुध नहीं ली। आज जबलपुर में कोरोना के हालात के लिए शिवराज सरकार दोषी है।

विधायक संजय यादव ने शिवराज सरकार पर दागे सवाल
विधायक संजय यादव ने सवाल किया कि भोपाल, इंदौर जैसी सुविधा जबलपुर में क्यों नहीं शुरू की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां कमीशन फिक्स था वहां व्यवस्था कर दी गई। भोपाल की चिरायु अस्पताल में कमीशन फिक्स था और जब जबलपुर में मंत्रियों का कमीशन फिक्स हो गया तो आज मन्त्री जबलपुर आ गए।

मंत्री विश्वास सारंग आए सरकार के बचाव में
कांग्रेस विधायक संजय यादव के आरोपो को निराधार बताते हुए चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग अपनी सरकार के बचाव में आ गए है।मंत्री विश्वास सारंग का कहना है कि भले ही हमारी सरकार का कोई मंत्री जबलपुर आज से पहले न आया हो पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह हमेशा ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जबलपुर के अधिकारियों से संपर्क किया करते थे।

देर से आए दुरुस्त आए
जबलपुर में आज लगातार बिगड़ते हालातों के बाद भले ही प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने जबलपुर के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर शहर के हालात जाने हो पर कहा जा सकता है कि अब बहुत देर हो गई है फिलहाल अब देखना होगा कि आज के चिकित्सा मंत्री के दौरे के बाद कोरोना से लड़ने के लिए किस तरह की कसावट होती है।