जबलपुर : प्रशासन की नाकाफी व्यवस्था, नर्मदाधानी में भी बूंद-बूंद पानी के लिए लोग हो रहे परेशान

पानी की किल्लत के कारण दुर्गा नगर के वाशिंदे सुबह-सुबह अपना सब काम छोड़कर डिब्बों से पानी भरने में जुट जाते है। पानी भी साफ-स्वच्छ है या नहीं इसकी भी कोई गारंटी नहीं है।

जबलपुर, संदीप कुमार। ‘नर्मदा किनारे-फिर भी पानी के लिए तरस रहे है बेचारे’ ये कहानी है जबलपुर (Jabalpur) में नर्मदा नदी के किनारे बसे लोगों की जिनके पास से जीवनदायनी नर्मदा (Narmada) तो बहती है पर इसके बाद भी ये लोग बूंद-बूंद पानी के लिए प्यासे है, नर्मदाधानी ग्वारीघाट (Gwarighat) से लगा दुर्गा नगर कहने को तो माँ नर्मदा के गोद मे बसा हुआ है पर यहां भीषण गर्मी में पानी की आपूर्ति ने लोगों को परेशान कर दिया, कोरोना महामारी (Corona epidemic) में भी दुर्गा नगर के वाशिंदे सुबह-सुबह अपना सब काम छोड़कर डिब्बों से पानी भरने में जुट जाते है। पानी भी साफ-स्वच्छ है या नहीं इसकी भी कोई गारंटी नहीं है।

यह भी पढ़ें…मरीजों को राहत की सांस, बोकारो स्टील प्लांट से मध्यप्रदेश पहुंची ऑक्सीजन एक्सप्रेस

एक किलोमीटर दूर से लाना पड़ता है पानी
दुर्गा नगर रानी अवंती बाई वार्ड में रहने वाले लोग कई सालों से पानी के लिए परेशान है, बीते पांच साल पहले तक ये क्षेत्र ग्राम पंचायत में आता था तब भी यही स्थिति थी, लेकिन उम्मीद थी कि नगर निगम में आने के बाद दुर्गा नगर की तस्वीर बदलेगी और यहां के लोगों को पानी मिलेगा लेकिन हालात जस के तस है, हालांकि खानापूर्ति के लिए निगम ने एक बोरिंग जरूर यहां करवाई है पर गर्मी आने के पहले ही पानी की कमी आ जाती है या फिर मशीन खराब हो जाती है, ऐसे में मजबूरीवश यहां रहने वाली करीब ढाई हजार की आबादी के लोगों को नर्मदा से पानी भरकर लाना पड़ता है।

कोरोना नहीं पानी है जरूरी
कोरोना के फैलते संक्रमण को देखते हुए जब जबलपुर जिले में लॉकडाउन लगा हुआ है इसके बावजूद भी दुर्गा नगर के लोग अपनी जान पर खेल के भीड़ लगाकर पानी भरने जाते है, लोगों का मानना है कि कोरोना से ज्यादा अभी पीने के पानी की जरूरत है इसलिए यह भय छोड़कर पहले पानी भरा जाता है, दुर्गा नगर में रहने वाली चाहे महिलाएं हो या पुरूष या फिर बच्चे सुबह उठते ही पानी की जद्दोजहद में जुट जाते है।

एक बोर, दो हैंडपंप भी खराब, अब सहारा मां नर्मदा का
रानी अवंती बाई वार्ड के दुर्गा नगर भटोली में करीब 2 हजार से ज्यादा को आबादी है यहां रहने वाले लोगों के लिए नगर निगम से एक बोरिंग करवाई गई थी इसके अलावा कुछ हैंडपंप भी है पर वो कई माह पहले ही खराब हो गए थे, एक बोरिंग थी वो भी 15 दिन पहले खराब हुई तो निगमकर्मी आए और मशीन लेकर चले गए ऐसे में अब दुर्गा नगर में रहने वालों को मां नर्मदा का ही सहारा है जिसके दम पर बीते 15 दिनों से अपना काम चला रहे है।

यह भी पढ़ें…राहुल गांधी बोले- ‘मदद का हाथ बढ़ाते चलो, अंधे सिस्टम का सच दिखाते चलो’

नगर निगम कर रहा है व्यवस्था
बीते 15 दिनों से पानी की किल्लत दुर्गा नगर के बाशिंदे झेल रहे है पर नगर निगम ने इस और किसी भी तरह की सुध लेने की जहमत नहीं उठाई, नगर निगम जल विभाग के कार्यपालन यंत्री का कहना है कि मशीन खराब होने की स्थिति में टेंकरो के माध्यम से पानी की पूर्ति करवाई जाती है, साथ ही दुर्गा नगर और आसपास के इलाकों में नई पाइप लाइन का प्रस्ताव बनाया जा रहा है जिसके बाद जल्द ही यहां के लोगों को भरपूर पानी मुहैया होगा।

मध्यप्रदेश सहित देश के कई राज्यों को सींचने वाली जीवनदायिनी मां नर्मदा के किनारे बसे इस इलाके में रहने वाले लोगों की पानी को लेकर कैसी हालत है इसे इन तस्वीरों से समझा जा सकता है, नर्मदा इनके पास से गुजरती है इसके बाद भी ये लोग प्यासे है, वजह है नगर निगम की नाकाफी व्यवस्था, बहरहाल अब देखना ये होगा कि अब नगर निगम इन लोगों के लिए पानी की क्या व्यवस्था करवाता है।