MP PSC Result 2021 : शिरीष प्यासी ने हासिल किया 12 वां स्थान, माता-पिता और टीचर को दिया सफलता का श्रेय

बेटे के डिप्टी कलेक्टर बनने पर उन्होंने बताया कि भले ही बच्चे पढ़ाई करते है पर तपस्या माता-पिता को भी करनी होती है।

MP PSC Result 2021

MP PSC Result 2021 : मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर के शिरीष प्यासी ने 2021 में आयोजित हुई लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 12 वां स्थान हासिल किया है। सरस्वती शिशु मंदिर के रिटायर्ड शिक्षक राजेन्द्र प्यासी के बेटे ने सेकंड अटेम्प्ट में लोक सेवा आयोग की परीक्षा में मध्यप्रदेश में 12 वां स्थान पाकर डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुए है। शिरीष ने अपना सफलता का श्रेय माता-पिता और टीचर को दिया है। डिप्टी कलेक्टर रहते हुए शिरीष अब यूपीएससी की भी तैयारी करेंगे।

मेहनत जारी रखें, सफलता एक ना एक बार जरूर मिलेगी

जबलपुर के गढ़ा क्षेत्र में रहने वाले शिरीष ने बताया कि निश्चित रूप से यहां तक पहुंचने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ी, पर उम्मीद थी कि एक ना एक बार सफलता जरूर मिलेगी। शिरीष ने बताया कि 2020 में प्री-परीक्षा पास कर ली थी, पर मेन्स की परीक्षा नहीं निकल पाई। इसके बाद 2021 में फिर से परीक्षा दी और सफलता ऐसी मिली की पूरे प्रदेश में 12 वा स्थान एमपीपीएससी में हासिल किया। शिरीष का कहना है कि परीक्षा की तैयारी के बाद कई बार ऐसा भी महसूस हुआ है कि डेढ़ साल तक मन लगाकर पढ़ाई की और सफलता मिलेगी भी या फिर नहीं। शिरीष ने बताया कि इंटरव्यू के दौरान जिले विषय में सवाल पूछे गए थे। नर्मदा की पौराणिक कथा, और जबलपुर के नाम को जबालिपुरम किया जा रहा है। इसके अलावा इंजीनियरिंग से संबंधित भी सवाल पूछे गए थे।

बच्चे की हर गतिविधि पर नजर रखना होता है जरूरी

बेटे शिरीष की सफलता पर पिता राजेंद्र प्यासी भी बहुत खुश है। बेटे के डिप्टी कलेक्टर बनने पर उन्होंने बताया कि भले ही बच्चे पढ़ाई करते है पर तपस्या माता-पिता को भी करनी होती है। रिटायर्ड शिक्षक राजेंद्र प्यासी का कहना है कि बच्चे की पढ़ाई के दौरान यह देखना होता है कि बेटा कहां जा रहा है, क्या कर रहा है, कहां पर पढ़ाई कर रहा है, किसके साथ घूम रहा है, बच्चे की हर गतिविधि पर नजर रखना जरूरी होता है। और जब ये तपस्या आपकी पूरी हो जाती है, तो सफलता आपके कदम चूमती है।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट


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Amit Sengar

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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है।वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

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