समर्थन मूल्य पर पुरानी धान को बेचने की थी तैयारी, प्रशासन ने मारा छापा

अन्नपूर्णा वेयरहाउस से 400 क्विंटल पुरानी धान जप्त, सिहोरा के प्रशासनिक अमले ने छापे के दौरान पकड़ी धान

जबलपुर, संदीप कुमार| समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू हुए अभी दो दिन ही बीते थे कि बिचौलियों ने अपना काम शुरू कर दिया। गोशलपुर में पुरानी धान को बेचने का मामला सामने आया है। सिहोरा तहसील के अन्नपूर्णा वेयरहाउस में औचक निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अमले ने 400 क्विंटल पुरानी धान जप्त की है। प्रशासनिक अमले ने धान को जप्त करते हुए इस के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।

जानकारी के मुताबिक उपार्जन व्यवस्था का अनुचित लाभ उठाने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर सिहोरा एसडीएम चंद्र प्रताप गोहिल और तहसीलदार राकेश चौरसिया ने गुरुवार को औचक निरीक्षण के लिए गोसलपुर के पास स्थित अन्नपूर्णा वेयरहाउस पहुंचे। निरीक्षण के दौरान अन्नपूर्णा वेयरहाउस के पास अवैध रूप से धान रखी हुई थी। निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि यह धान पुरानी है।

संजय यादव की बताई जा रही है पुरानी धान
जानकारी के मुताबिक पुरानी धान किसी संजय यादव नाम के युवक की बताई जा रही है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि यह युवक व्यापारी या बिचौलिया है, जिसने पुरानी धान को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए पहले से ही पुरानी धान का स्टॉक रख दिया था और अब उसकी तैयारी नई धान में पुरानी धान मिलाकर बेचने की तैयारी थी।

400 क्विंटल पुरानी धान,कीमत 720000 रुपये
जानकारी के मुताबिक जप्त की गई धान करीब 400 क्विंटल बताई जा रही है जिसकी कीमत 720000 रुपये के आसपास है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत से ही बिचौलिए और व्यापारी पुरानी धान को बेचने के लिए सक्रिय हो गए हैं। इतनी पुरानी धान संबंधित व्यापारी या बिचौलिए के पास कहां से आई यह जांच का विषय है।

जाँच के लिए भेजे गए धान के सैंपल
प्रशासनिक अधिकारियों ने पंचनामा कर मौके से जप्त की गई करीब 400 क्विंटल पुरानी धान के सैंपल जांच के लिए भेजें हैं। प्लास्टिक की बोरियों में रखी हुई यह धान समर्थन मूल्य पर बेचकर बिचोली और व्यापारी लंबा मुनाफा कमा लेती यदि समय रहते प्रशासनिक अमले ने इस धान को न पकड़ा होता।